फ्लाई ऐश ढोने वाले ओवरलोड वाहन बना लोगों की परेशानी का कारण, धूल से बढ़ी सांस और आंखों की समस्या

Banka News : सड़क पर गुजरना मुश्किल, घरों में घुस रही धूल और बढ़ रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां. पंजवारा-गोड्डा मुख्य मार्ग पर फ्लाई ऐश ढोने वाले ओवरलोड वाहनों ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

पंजवारा बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट

Banka News : बांका जिले के पंजवारा-गोड्डा मुख्य मार्ग पर इन दिनों फ्लाई ऐश की ढुलाई करने वाले वाहन आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक फ्लाई ऐश लादकर सड़क पर दौड़ रहे हैं. इसके कारण रास्ते भर धूल उड़ रही है और फ्लाई ऐश सड़क पर गिर रही है, जिससे राहगीरों के साथ-साथ सड़क किनारे रहने वाले लोगों को भी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

अदानी पावर प्लांट से हो रही फ्लाई ऐश की ढुलाई

जानकारी के अनुसार झारखंड के गोड्डा स्थित अदानी पावर प्लांट से फ्लाई ऐश लोड कर वाहनों के माध्यम से एनएच-133ए के निर्माणाधीन बाइपास परियोजना तक पहुंचाई जा रही है. निर्माण कार्य के लिए लगातार बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग से गुजर रहे हैं.

क्षमता से अधिक लोडिंग का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हुए वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक फ्लाई ऐश लोड कर रहे हैं. ओवरलोड होने के कारण वाहन चलते समय फ्लाई ऐश उड़कर वातावरण में फैल जाती है और सड़क पर भी गिरती रहती है.

धूल से बढ़ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

उड़ती हुई फ्लाई ऐश के कारण आसपास के क्षेत्रों में धूल का स्तर काफी बढ़ गया है. लोगों को आंखों में जलन, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. विशेष रूप से अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की परेशानी और बढ़ गई है.

राहगीरों को भी हो रही भारी दिक्कत

सड़क से गुजरने वाले बाइक सवारों, साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों को भी फ्लाई ऐश के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. तेज गति से गुजरने वाले वाहनों से उड़ने वाली धूल कई बार दृश्यता को भी प्रभावित करती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों और समाजसेवी राजा सिंह ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है. उनका कहना है कि ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और फ्लाई ऐश ढुलाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए.

नियमों के पालन से मिल सकती है राहत

ग्रामीणों का कहना है कि यदि वाहनों में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही फ्लाई ऐश लोड की जाए और उसे ढंककर परिवहन किया जाए तो धूल प्रदूषण की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है. लोगों ने प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाने की भी मांग की है.

पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लाई ऐश का अनियंत्रित प्रसार केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में संबंधित एजेंसियों और प्रशासन को समय रहते प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि लोगों को राहत मिल सके.

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लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR SINH

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