बांका जिले के धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर में जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 'परिवार नियोजन पखवाड़ा मेला' का भव्य आयोजन किया गया. मेले में स्वास्थ्य अधिकारियों ने क्षेत्र की सभी आशा कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर योग्य लाभार्थियों को नियोजन के विभिन्न साधन अपनाने के लिए प्रेरित करने का सख्त निर्देश दिया.
आशा कार्यकर्ताओं को हर घर दस्तक देने का निर्देश
मेले के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के वरीय पदाधिकारियों ने प्रखंड क्षेत्र से आईं सभी आशा कार्यकर्ताओं की बैठक ली और उन्हें फील्ड में सक्रियता बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी:
- स्थायी विधि पर जोर: आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में घूम-घूमकर महिलाओं और पुरुषों को बंध्याकरण व नसबंदी के फायदों के बारे में समझाएं और उन्हें अस्पताल आने के लिए प्रेरित करें.
- अस्थायी साधनों का वितरण: वैसे लाभार्थी जो फिलहाल बच्चे के जन्म में अंतर रखना चाहते हैं या अस्थायी विधि अपनाना चाहते हैं, उनके बीच सरकारी स्तर पर उपलब्ध गर्भनिरोधक सामग्रियां जैसे— 'माला डी' (Mala-D), 'छाया' (Chhaya) टैबलेट और निरोध (कंडोम) आदि का सघन डिस्ट्रीब्यूशन करने का निर्देश दिया गया.
समय-समय पर फॉलोअप करने की हिदायत
अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि केवल दवा या सामग्री बांटना ही काफी नहीं है. आशा कार्यकर्ताओं को इन अस्थायी साधनों का उपयोग कर रहे लाभार्थियों का समय-समय पर फॉलोअप (नियमित जांच व फीडबैक) भी करना होगा, ताकि उनकी सेहत की सही निगरानी हो सके और योजना के बेहतर परिणाम सामने आ सकें.
चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य प्रबंधक रहे मौजूद
इस जागरूकता सह मेला कार्यक्रम के सफल संचालन के दौरान अस्पताल प्रबंधन के कई वरीय चेहरे मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
"इस पखवाड़ा मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर परिवार नियोजन के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना है. आशा कार्यकर्ताओं को सीधे तौर पर लाभार्थियों से संवाद स्थापित करने को कहा गया है ताकि वे बिना किसी झिझक के इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें. स्वास्थ्य केंद्र में सभी सामग्रियां और चिकित्सकीय सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में निःशुल्क उपलब्ध हैं." — डॉ. ज्योति राजवार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, CHC धोरैया
इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योति राजवार के साथ मुख्य रूप से स्वास्थ्य प्रबंधक अवध किशोर श्यामला सहित कई अन्य स्वास्थ्य कर्मी, एएनएम (ANM) और भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं.
