Banka News: बांका/रजौन. आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के पैतृक आवास पर छापेमारी की. पटना से आई विशेष टीम ने बांका जिला प्रशासन द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों की मौजूदगी में बंद पड़े तीन मंजिला मकान की तलाशी ली.
बंद पड़े पैतृक आवास की हुई तलाशी
ईओयू के डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पिपराडीह गांव स्थित तीन मंजिला पैतृक आवास की करीब चार घंटे तक जांच की. ग्रामीणों के अनुसार मकान लंबे समय से बंद है और वहां कोई नहीं रहता. तलाशी के दौरान अभियंता के एक चाचा तथा जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दो दंडाधिकारी मौजूद रहे.
'पैतृक घर से कुछ नहीं मिला'
कार्यपालक अभियंता के चाचा ने बताया कि जांच टीम ने पूरे मकान की तलाशी ली, लेकिन पैतृक आवास से कोई आपत्तिजनक सामग्री या दस्तावेज बरामद नहीं हुआ. हालांकि इस संबंध में ईओयू की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
पटना, सासाराम और मुजफ्फरपुर में भी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार पिपराडीह पहुंचने से पहले ईओयू ने सासाराम स्थित सरकारी आवास और पटना स्थित निजी आवास पर भी एक साथ छापेमारी की. इसके अलावा अभियंता के मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल में भी तलाशी अभियान चलाया गया. बताया जा रहा है कि वहां जांच के दौरान आय से अधिक संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं. इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गयी है.
इलाके में चर्चा, जांच जारी
Banka News: छापेमारी की सूचना मिलते ही पिपराडीह गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुट गई. स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं. ईओयू टीम के अधिकारियों ने केवल इतना कहा कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में साक्ष्य एकत्र करने के लिए कार्रवाई की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
