प्रभात इंपैक्ट : रजौन में जर्जर प्रखंड मुख्यालय भवन तोड़ने का काम शुरू, टला बड़ा हादसा का खतरा
Banka News : वर्षों से दुर्घटना को न्योता दे रहा रजौन प्रखंड मुख्यालय का जर्जर भवन आखिरकार प्रशासन की नजर में आ गया. प्रभात खबर ने जब इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, तो प्रशासन हरकत में आया और अब पुराने भवन के ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है. इससे न केवल संभावित हादसों का खतरा टलेगा, बल्कि प्रखंड परिसर भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगा.
रजौन (बांका) से पीयूष कुमार की रिपोर्ट
Banka News : रजौन प्रखंड मुख्यालय परिसर में स्थित जर्जर पुराने भवन को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में खड़ा यह भवन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता था. प्रभात खबर ने 27 मई के बांका संस्करण में “जर्जर प्रखंड मुख्यालय हादसे को दे रहा दावत, ध्वस्तीकरण की उठी मांग ” शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले को प्रमुखता से उठाया था. खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए भवन को तोड़ने का आदेश जारी किया.
बारिश में गिरते थे छत के टुकड़े, बना रहता था खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार भवन की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी. बारिश के दौरान छत से कंक्रीट और चट्टान के टुकड़े गिरते रहते थे. कई बार लोग बारिश से बचने के लिए इसी भवन के आसपास खड़े हो जाते थे, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती थी. यदि समय रहते भवन को नहीं तोड़ा जाता तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता था.
खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आया
प्रभात खबर द्वारा मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया. अधिकारियों ने भवन की स्थिति का आकलन कराया और इसे पूरी तरह जर्जर एवं खतरनाक मानते हुए ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया. अब मजदूरों की टीम द्वारा भवन को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है.
क्रिकेट खेलने वाले बच्चों की जान भी थी खतरे में
प्रखंड मुख्यालय मैदान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे क्रिकेट खेलने पहुंचते हैं. खेल के दौरान जब गेंद जर्जर भवन की छत पर चली जाती थी, तो कई बच्चे बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के जान जोखिम में डालकर छत पर चढ़ जाते थे. कई बार एक साथ तीन से चार बच्चे छत पर पहुंच जाते थे, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती थी.
नशेड़ियों का अड्डा बन गया था पुराना भवन
स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर भवन धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का ठिकाना बन गया था. दोपहर से लेकर शाम तक यहां संदिग्ध लोगों की आवाजाही बनी रहती थी. इससे प्रखंड परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे थे.
विधायक ने लिया ध्वस्तीकरण कार्य का जायजा
धोरैया के विधायक मनीष कुमार ने प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर भवन ध्वस्तीकरण कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि भवन के हटने से प्रखंड परिसर में अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी और लोगों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा.
जिलाधिकारी को लिखा गया था पत्र
विधायक ने बताया कि जर्जर भवन को लेकर उन्होंने पूर्व में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई किया जाना स्वागतयोग्य कदम है.
अब सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगा प्रखंड परिसर
भवन के ध्वस्तीकरण के बाद प्रखंड मुख्यालय परिसर में दुर्घटना की आशंका समाप्त हो जाएगी. साथ ही खाली हुई जगह का उपयोग जनसुविधाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जा सकेगा. स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और इसे जनहित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया है.