रजौन में जर्जर प्रखंड भवन बना हादसों का अड्डा, बच्चों की जान पर मंडरा रहा खतरा
Banka News : जहां कभी सरकारी कामकाज चलता था, वहां आज खंडहर, डर और लापरवाही का मंजर दिखाई दे रहा है. रजौन प्रखंड मुख्यालय का पुराना जर्जर भवन अब हादसे को खुला न्योता देता नजर आ रहा है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी खतरनाक भवन के आसपास छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं और कई बार क्रिकेट की गेंद निकालने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर छत तक चढ़ जाते हैं.
रजौन (बांका) से पीयूष कुमार की रिपोर्ट
बांका जिले के रजौन प्रखंड मुख्यालय स्थित पुराना भवन पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है. भवन की छत से लगातार ढलाई के टुकड़े गिर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. इसके बावजूद भवन के आसपास लोगों की आवाजाही जारी है और सटे मैदान में बच्चे रोज खेलकूद करते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह भवन अब खतरे का बड़ा कारण बन गया है.
बारिश में और खतरनाक हो जाता है भवन
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश होते ही पुराने भवन की स्थिति और भयावह हो जाती है. छत की ढलाई चट्टानों की तरह टूटकर नीचे गिरती रहती है. भवन के समीप से लोगों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.भवन के पश्चिम दिशा में स्थित प्रखंड मैदान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे खेलते हैं. ऐसे में अगर अचानक भवन का कोई हिस्सा गिर जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है.
क्रिकेट की गेंद उतारने छत पर चढ़ जाते हैं बच्चे
रजौन प्रखंड मैदान में रोजाना बच्चे क्रिकेट खेलते हैं. खेल के दौरान गेंद अक्सर जर्जर भवन की छत पर चली जाती है. इसके बाद 3 से 4 बच्चे बिना किसी सुरक्षा के टूटी-फूटी दीवार और खतरनाक छत पर चढ़ जाते हैं.स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे बिना सीढ़ी और सुरक्षा के जान जोखिम में डालकर छत पर पहुंचते हैं. अगर समय रहते रोकथाम नहीं हुई तो कभी भी बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है.
नशेड़ियों का बना सुरक्षित ठिकाना
दिन ढलते ही यह जर्जर भवन नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक दोपहर से शाम तक यहां असामाजिक तत्वों की आवाजाही बनी रहती है. इससे आसपास का माहौल भी प्रभावित हो रहा है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
विधायक ने डीएम को लिखा पत्र
धोरैया के विधायक Manish Kumar ने इस गंभीर मामले को लेकर बांका जिलाधिकारी को पत्र भेजा है. विधायक ने पत्र में कहा है कि भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और इससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है. उन्होंने भवन का निरीक्षण कर जल्द ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की मांग की है.स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि बच्चों और आम लोगों की जान सुरक्षित रह सके.