तीज के पूर्व स्नान के लिए मंदार तराई में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

पापहारिणी सरोवर में रविवार को स्नान के लिए भारी भीड़ उमड़ी. महिला श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह के पांच बजे से संध्या छह बजे तक अनवरत लगी रही.

बौंसी. लोक आस्था और पति के अखंड सुहाग के प्रतीक का पर्व तीज को लेकर पापहारिणी सरोवर में रविवार को स्नान के लिए भारी भीड़ उमड़ी. महिला श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह के पांच बजे से संध्या छह बजे तक अनवरत लगी रही. इस दौरान सुहागिन महिलाओं ने अखंड सुहाग और पति की लंबी आयु के लिए पवित्र पापहारिणी सरोवर में स्नान कर पूजा-अर्चना की. मालूम हो कि यह एक पारंपरिक प्रथा है. इसमें महिलाएं व्रत रखने से पहले गंगा अथवा पवित्र सरोवर में स्नान करके नहाय-खाय का अनुष्ठान पूरा करती है. स्नान के बाद घाट पर श्रद्धालु महिलाओं ने पूरे नियम निष्ठा के साथ पूजा अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया. इस दौरान सरोवर मध्य स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही.

तीज स्नान का महत्व

पंडित अवधेश ठाकुर ने बताया कि यह पर मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं के द्वारा अपने पति के लंबी आयु और अखंड सुहाग के लिए रखा जाता है. ऐसे में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को आरंभ करने से पहले आध्यात्मिक शुद्धि और शुभता के लिए गंगा अथवा पवित्र सरोवर में स्नान कर नैतिक और आध्यात्मिक शुद्धि की जाती है. तीज व्रत से पहले महिलाएं नहाय-खाय का अनुष्ठान करती हैं, जिसमें वे गंगा अथवा सरोवर अथवा नदियों में स्नान करके शुद्ध भोजन ग्रहण करती हैं. स्नान के बाद वे शिव और पार्वती की पूजा करती हैं और फिर निर्जला व्रत रखती हैं. पूजा के बाद महिलाएं श्रृंगार का सामान भी अर्पित करती हैं, जो एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है.

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By SHUBHASH BAIDYA

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