डीएम को दिया ज्ञापन, कहा कि मंत्रिपरिषद में लिये गये निर्णय वापस ले सरकार बांका. 29 जनवरी के मंत्रिपरिषद की बैठक में डीसीएलआर पद से संबंधित लिये गये निर्णय के विरोध में सीओ, राजस्व पदाधिकारी व कर्मी दो फरवरी से हड़ताल पर रहेंगे. इस संबंध में राजस्व विभाग से संबंधित सभी अधिकारी व कर्मियों ने बीते दिन डीएम नवदीप शुक्ला को एक ज्ञापन सौंपा है, जो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव के नाम संबोधित है. राजस्व अधिकारियों ने कहा है कि मंत्रिपरिषद की बैठक में लिये गये निर्णय उनके संवर्ग के हित में नहीं है. इससे उनके प्रमोशन को खतरा है. उनका माना है कि राजस्व अधिकारी प्रमोट होकर डीसीएलआर और एडीएम बनते थे. लेकिन, अब एक नया पोस्ट बनाये जाने से उनकी संभावनाएं समाप्त होती है. सीओ का कहना है कि कैबिनेट के निर्णयों से बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों के पदोन्नति मार्ग और कार्यक्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल बिहार राजस्व सेवा नियमावली 2010 की भावना के विपरीत है, बल्कि माननीय पटना उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों की भी अनदेखी करता है. कहा कि दाखिल-खारिज, जमाबंदी अद्यतन, म्यूटेशन अपील और भूमि विवाद निबटारे जैसे मामलों में पहले से ही कार्यभार अधिक है, ऐसे में सेवा शर्तों में अस्थिरता कर्मचारियों का मनोबल गिरा रही है. उन्होंने कहा कि निर्णय मंत्रिपरिषद के निर्णय संख्या 23 के तहत भूमि सुधार उप समाहर्ता पदनाम में बदलाव और निर्णय संख्या 30 के तहत बिहार प्रशासनिक सेवा संवर्ग में 101 नये पदों के सृजन से राजस्व सेवा के भविष्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है. दरअसल, विगत मंत्रिपरिषद की बैठक में डीसीएलआर का पद को बदलकर अनुमंडल राजस्व अधिकारी कर दिया गया है. इससे राजस्व संवर्ग के अधिकारियों में खासी नाराजगी है. इस मौके पर बांका सीओ प्रियंका कुमारी, फुल्लीडुमर सीओ मनोज कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
बांका के सीओ, राजस्व अधिकारी व कर्मी कल से हड़ताल पर
29 जनवरी के मंत्रिपरिषद की बैठक में डीसीएलआर पद से संबंधित लिये गये निर्णय के विरोध में सीओ, राजस्व पदाधिकारी व कर्मी दो फरवरी से हड़ताल पर रहेंगे.
