कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Construction Accident: बांका जिले के कटोरिया थाना क्षेत्र स्थित कच्ची कांवरिया पथ पर देवासी-लक्ष्मणझूला में सोमवार को निर्माणाधीन श्री शिवोहम बालाजी सेवा ट्रस्ट धर्मशाला में बड़ा हादसा हो गया. बाथरूम निर्माण के दौरान ढलाई के लिए लगाया गया सेंटरिंग (शटरिंग) अचानक टूट गया, जिससे तीन राजमिस्त्री गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरातफरी मच गई. स्थानीय लोगों और मजदूरों की तत्परता से सभी घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया.
अचानक ढह गई सेंटरिंग, मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धर्मशाला परिसर में बाथरूम की ढलाई का कार्य चल रहा था. इसी दौरान अचानक सेंटरिंग का सहारा कमजोर पड़ गया और पूरा ढांचा भरभराकर नीचे गिर गया. हादसे में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के चांदपुर गांव निवासी 25 वर्षीय नूर असलम, 30 वर्षीय हसीबुल अंसारी और 27 वर्षीय बापून मंडल गंभीर रूप से घायल हो गए.
मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए चला राहत कार्य
हादसे के बाद मौके पर मौजूद मजदूरों और धर्मशाला कर्मियों ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया. नूर असलम मलबे के नीचे दब गया था, जबकि बापून मंडल सेंटरिंग के साथ बीच में लटक गया. वहीं हसीबुल अंसारी तेज झटके से दूर जा गिरा और घायल हो गया. सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया.
अस्पताल में चल रहा इलाज
कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार और डॉ. देवेंद्र कुमार की देखरेख में तीनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया. चिकित्सकों ने बताया कि सभी की स्थिति फिलहाल स्थिर है, हालांकि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.
पश्चिम बंगाल के हैं सभी घायल
Construction Accident: घायलों की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के चांदपुर गांव निवासी नूर असलम (पिता- मो. आरिजुल), हसीबुल अंसारी (पिता- बबलू शेख) और बापून मंडल (पिता- बबलू मंडल) के रूप में हुई है. तीनों लंबे समय से धर्मशाला के निर्माण कार्य में राजमिस्त्री के रूप में कार्यरत थे.निर्माण स्थल पर हुई इस घटना के बाद निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
