बांका जिले में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है. शनिवार, 5 सितंबर को जिले में आसमान में घने बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने इस दौरान वज्रपात और तेज हवाएं चलने को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है.
गरज-चमक के साथ चल सकती है तेज हवा
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को दक्षिण-पूर्व दिशा से करीब 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. मेघ गर्जन के दौरान हवा की रफ्तार बढ़ने की भी संभावना है. अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
7 सितंबर तक बादल और बारिश के आसार
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 7 सितंबर तक बांका समेत भागलपुर और दक्षिण बिहार के अन्य जिलों में घने बादल छाए रहने की संभावना है. बांका में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इस अवधि में अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. पुरवा हवा की गति 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है, जबकि आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
उमस से परेशान कर सकती है ज्यादा नमी
मौसम में अधिक नमी और बादलों की आवाजाही के कारण उमस बनी रहने की संभावना है. शनिवार को सापेक्ष आर्द्रता 75 से 92 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है. सुबह के समय यह 85 से 92 प्रतिशत, दोपहर में 76 से 88 प्रतिशत और रात में 88 से 92 प्रतिशत तक रह सकती है.
किसानों के लिए मौसम विभाग ने जारी की सलाह
मौसम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है. धान में कम बारिश की स्थिति में खरपतवार की वृद्धि बढ़ सकती है, इसलिए समय-समय पर निराई-गुड़ाई करने को कहा गया है.
खरीफ मक्का में तना बेधक के प्रकोप पर नजर रखने और लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित दवा का प्रयोग करने की सलाह दी गयी है. अरहर सहित अन्य फसलों में जरूरत के अनुसार गैप फिलिंग, छंटाई और निराई-गुड़ाई करने को कहा गया है. सितंबर में बोई जाने वाली अरहर के लिए खेत की तैयारी पूरी करने की भी सलाह दी गयी है.
वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों से खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास नहीं रहने की अपील की है. गरज-चमक या वज्रपात की स्थिति में पक्के मकान अथवा किसी सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी गयी है.
