बांका में रविवार को मौसम सुहाना होने के साथ उमस भरी गर्मी भी परेशान कर सकती है. मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है. आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट के बावजूद हवा में नमी अधिक रहने से चिपचिपी गर्मी का असर बना रह सकता है.
2 सितंबर तक बदला रहेगा मौसम का मिजाज
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 28 अगस्त से 2 सितंबर के बीच बांका समेत दक्षिण बिहार के जिलों में मौसम में बदलाव जारी रहेगा. इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है. जिले में एक-दो स्थानों पर गर्ज-चमक के साथ तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इस अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत और दोपहर में 60 से 70 प्रतिशत तक रह सकती है.
तापमान में गिरावट, फिर भी उमस करेगी परेशान
रविवार को बांका में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. तापमान में मामूली गिरावट से गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन अधिक नमी और बादलों की मौजूदगी के कारण उमस बनी रहने की संभावना है. अगले दो से तीन दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने के आसार नहीं हैं.
खराब मौसम के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास नहीं रहने की सलाह दी है. गरज-चमक या तेज हवा की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की अपील की गयी है.
बारिश के बीच किसानों को फसल पर रखनी होगी नजर
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है. धान की फसल में कम बारिश होने पर खरपतवार तेजी से बढ़ सकते हैं. ऐसे में समय पर निराई-गुड़ाई जरूरी होगी.
खरीफ मक्का में तना बेधक कीट के प्रकोप पर नजर रखने और लक्षण दिखने पर अनुशंसित दवा का प्रयोग करने की सलाह दी गयी है. अरहर की फसल में जरूरत के अनुसार गैप फिलिंग, छंटाई और निराई-गुड़ाई करते रहने को कहा गया है. सितंबर में बोई जाने वाली अरहर के लिए खेत की तैयारी भी समय रहते पूरी करने की सलाह किसानों को दी गयी है.
