बौसी, बांका से संजीव पाठक की रिपोर्ट : संत जोसफ स्कूल परिसर में आयोजित इस समर स्पोर्ट्स कैंप के दौरान हर दिन बच्चों का उत्साह देखने लायक था. सुबह से लेकर शाम तक खेल मैदान में खो-खो, कबड्डी, चैस और वॉलीबॉल जैसी गतिविधियों में विद्यार्थी पूरे जोश के साथ हिस्सा लेते नजर आए. कैंप का उद्देश्य केवल खेल प्रशिक्षण देना नहीं था, बल्कि बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी था.
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि शिक्षा के साथ खेल का संतुलन ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की कुंजी है. यही कारण रहा कि पूरे कैंप के दौरान अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा.प्रशिक्षकों ने बच्चों में भरा आत्मविश्वास
बांका से पहुंचे प्रशिक्षक रोमा, कोमल, प्रीति, शिवम, अंकित और वाल्मीकि ने विद्यार्थियों को खेल की तकनीक और रणनीतियों का विशेष प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षकों ने बच्चों को केवल नियम नहीं सिखाए, बल्कि उन्हें टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का महत्व भी समझाया.खेल गतिविधियों के दौरान बच्चों के प्रदर्शन में प्रशिक्षकों की मेहनत साफ दिखाई दी. कई विद्यार्थियों ने पहली बार किसी प्रोफेशनल प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा.
शिक्षकों की भूमिका बनी कैंप की ताकत
विद्यालय के पीटी शिक्षक लल्लन सर, फ्रांसिस सर, आशीष सर और रेमन सर ने पूरे कैंप के दौरान विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया. उन्होंने बच्चों को हर गतिविधि में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया. शिक्षकों की निगरानी और सहयोग के कारण कैंप बेहद अनुशासित और सफल रहा.प्राचार्य Father Jacob ने कही बड़ी बात
समापन समारोह के दौरान विद्यालय के प्राचार्य फादर जैकब ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि खेल बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं, जो भविष्य में उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेंगे.विद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यही विद्यार्थी खेल के क्षेत्र में विद्यालय और जिले का नाम रोशन करेंगे.
