बाल विवाह कराने पर होगी जेल और भारी जुर्माना, पंडित-मौलवी भी नहीं बचेंगे

Child Marriage Alert: बाल विवाह को रोकने के लिए बांका में प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है. अब बाल विवाह कराने वालों के साथ-साथ शादी में सहयोग करने वाले पंडित, मौलवी, बैंड-बाजा, कैटरर्स और मैरेज हॉल संचालकों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी.

बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट

Banka News : बांका जिले में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बाल विवाह रोकथाम और निषेध को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. सदर प्रखंड के दक्षिणी कटेली पंचायत स्थित दुधियातरी गांव में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं, बालिकाओं और ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गयी. अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा एवं एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है.

महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के जिला मिशन समन्वयक राज अंकुश और जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीकांत कुमार ने लोगों को संबोधित किया.

तय उम्र से पहले शादी कराना है अपराध

कार्यक्रम में बताया गया कि लड़कियों की शादी 18 वर्ष की आयु के बाद और लड़कों की शादी 21 वर्ष की आयु के बाद ही की जानी चाहिए. इससे कम उम्र में होने वाली शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है, जो पूरी तरह कानूनन अपराध है.अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह का सबसे ज्यादा असर बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ता है. कम उम्र में शादी होने से लड़कियों को शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

पंडित, मौलवी और सेवा प्रदाताओं पर भी होगी कार्रवाई

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत अब सिर्फ वर-वधु पक्ष ही नहीं, बल्कि शादी में किसी भी रूप में सहयोग करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है. अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह कराने वाले पंडित, मौलवी, धर्मगुरु, टेंट संचालक, कैटरर्स, बैंड-बाजा वाले, बिजली व्यवस्था से जुड़े लोग, शादी कार्ड छापने वाले प्रेस और मैरेज हॉल संचालक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे.

दो साल की जेल और एक लाख तक जुर्माना

कार्यक्रम में मौजूद लोगों को बताया गया कि बाल विवाह के दोषियों को दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है. प्रशासन ने साफ किया कि बाल विवाह रोकने के लिए कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा.

हेल्पलाइन नंबर पर दें सूचना

अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह हो रहा हो, उसकी तैयारी चल रही हो या इसकी आशंका हो, तो इसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 या महिला हेल्पलाइन 181 पर दें. समय रहते सूचना मिलने पर प्रशासन बाल विवाह रोकने और कानूनी कार्रवाई करने में सक्षम होगा.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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