Banka Snake Bite : बांका के कटोरिया प्रखंड स्थित बरमसिया गांव में बुधवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. घर के पास खेल रहे पांच वर्षीय दीपक कुमार ने उत्सुकतावश सांप के बिल में हाथ डाल दिया. बिल में छिपे विषैले सांप ने उसे डंस लिया. परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है.
सांप के बिल में हाथ डालते ही डंस लिया
जानकारी के अनुसार बरमसिया गांव निवासी रंजीत दास का पांच वर्षीय इकलौता पुत्र दीपक कुमार घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था. खेल के दौरान उसने उत्सुकतावश सांप के बिल में हाथ डाल दिया. बिल में मौजूद विषैले सांप ने तत्काल उसके दाहिने हाथ की कलाई पर डंस लिया. बच्चे की चीख सुनते ही परिजन मौके पर पहुंचे और बिना देर किए बाइक से उसे कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे.
अस्पताल पहुंचते ही टूटी उम्मीद
कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार एवं डॉ. शैलजानंद शुक्ला ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों की यह घोषणा सुनते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई. परिजनों की उम्मीदें पलभर में टूट गईं और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया.
बेंगलुरु में मजदूरी कर रहे पिता, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया गया कि मृतक के पिता रंजीत दास मजदूरी के सिलसिले में बेंगलुरु गए हुए हैं. इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. मां रेणू देवी, छोटी बहन खुशी कुमारी, दादा श्रवण दास और दादी कुंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोग भी घटना से स्तब्ध हैं और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे रहे.
एंबुलेंस से गांव पहुंचाया गया शव
कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा उपलब्ध कराए गए एंबुलेंस से मासूम के शव को उसके पैतृक गांव बरमसिया पहुंचाया गया. अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर किसी की आंखें नम थीं और गांव में शोक का माहौल बना रहा.
बरसात में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा
बरसात के मौसम में सांप अक्सर अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को खेतों, झाड़ियों और सांप के बिलों के आसपास खेलने से रोकना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचाना चाहिए. समय पर चिकित्सा मिलने से कई मामलों में जान बचाई जा सकती है.
