एक सप्ताह से बंद पड़ी CBC मशीन, रेफरल अस्पताल में जांच ठप, निजी लैब जाने को मजबूर मरीज

Bounsi Health Alert : बौंसी रेफरल अस्पताल में सीबीसी जांच मशीन के खराब होने से मरीज़ों को भारी परेशानी हो रही है. पिछले एक सप्ताह से बंद इस मशीन के कारण प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज़ों को निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका खर्च बढ़ गया है.

Bounsi Health Alert : बौसी रेफरल अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से सीबीसी जांच मशीन खराब रहने के कारण मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. सीबीसी जांच कई बीमारियों की पहचान के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन मशीन बंद होने से अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह ठप है. इसका सबसे अधिक असर दूर-दराज के गांवों से इलाज के लिए आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ रहा है.

रोजाना 100 से अधिक मरीज हो रहे प्रभावित

अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों को सीबीसी जांच की आवश्यकता होती है. मशीन बंद रहने के कारण सभी मरीजों को निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है. एक जांच पर 250 से 300 रुपये तक खर्च होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कई मरीजों ने बताया कि सरकारी अस्पताल में जांच सुविधा नहीं मिलने से इलाज का खर्च अनावश्यक रूप से बढ़ गया है.

लो और हाई वोल्टेज बना मशीन खराब होने का कारण

बताया जा रहा है कि करीब पांच लाख रुपये की लागत से अस्पताल को उपलब्ध कराई गई सीबीसी मशीन लगातार लो वोल्टेज और हाई वोल्टेज की समस्या के कारण खराब हो गई. मशीन बंद होने के बाद अब तक इसकी मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है. इससे अस्पताल की प्रयोगशाला सेवाएं प्रभावित हो रही हैं.

कंप्यूटर भी खराब, रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी

समस्या केवल सीबीसी मशीन तक सीमित नहीं है. अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में उपयोग होने वाला कंप्यूटर (सीपीयू) भी खराब बताया जा रहा है. इसके कारण जांच संबंधी अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं और मरीजों को रिपोर्ट मिलने में भी देरी का सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य कर्मियों को भी कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, प्रबंधन ने दिया भरोसा

स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द मशीन की मरम्मत कर जांच सुविधा बहाल करने की मांग की है. कुछ लोगों ने निजी जांच केंद्रों में मरीजों को भेजे जाने को लेकर कमीशनखोरी की आशंका भी जताई है. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि मशीन खराब होने की जानकारी विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. जल्द ही मशीन की मरम्मत कराई जाएगी तथा हाई और लो वोल्टेज की समस्या का भी स्थायी समाधान किया जाएगा.


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लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार पाठक प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बौंसी (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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