प्रथम प्रयास में BPSC फतह कर संतोष बने Revenue Officer, नौकरी के साथ पढ़ाई कर हासिल की बड़ी सफलता

BPSC Success Story: बांका के सुईया बाजार निवासी संतोष कुमार ने 70वीं BPSC परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर Revenue Officer का पद प्राप्त किया. जानिए उनकी सफलता की पूरी कहानी.

कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट

BPSC Success Story: बांका जिले के सुईया बाजार के युवा संतोष कुमार ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में प्रथम प्रयास में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. किराना व्यवसायी प्रेम कुमार वर्णवाल और उमा देवी के पुत्र संतोष कुमार का चयन रिवेन्यू ऑफिसर (RevenueOfficer) पद पर हुआ है. खास बात यह है कि उन्होंने नौकरी के साथ तैयारी करते हुए यह उपलब्धि हासिल की. उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते.

नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी

वर्तमान में संतोष कुमार उड़ीसा के लोक निर्माण विभाग (PWD) में डिवीजनल अकाउंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं. पिछले चार वर्षों से नौकरी की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी.

व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को पीछे नहीं छोड़ा. नियमित अध्ययन और अनुशासित जीवनशैली के कारण वे पहले ही प्रयास में बीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त करने में सफल रहे.

रोजाना 3 से 4 घंटे की पढ़ाई बनी सफलता की कुंजी

प्रभात खबर से बातचीत में संतोष कुमार ने बताया कि नौकरी के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था. इसके बावजूद उन्होंने प्रतिदिन 3 से 4 घंटे का समय अध्ययन के लिए निर्धारित किया और उसी अनुशासन को लगातार बनाए रखा.

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए लंबे समय तक पढ़ना जरूरी नहीं, बल्कि नियमित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन अधिक महत्वपूर्ण होता है. निरंतरता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी.

BPSC Success Story: युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

संतोष कुमार का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र नियमित अध्ययन, सीमित संसाधनों का सही उपयोग और बार-बार रिवीजन करना है.

उन्होंने तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह दी कि सबसे पहले अपने फाउंडेशन को मजबूत करें. अनावश्यक किताबों और सामग्री के पीछे भागने के बजाय चयनित अध्ययन सामग्री पर फोकस करें. मजबूत बुनियाद ही बड़ी सफलता का आधार बनती है.

पत्नी और परिवार बने सबसे बड़ी ताकत

संतोष ने अपनी सफलता का श्रेय पत्नी रूचि कुमारी, माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को दिया. उन्होंने कहा कि विवाह के बाद उनकी पत्नी ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया.

उन्होंने भावुक होकर कहा कि माता-पिता के त्याग, आशीर्वाद और पत्नी के सहयोग के बिना यह सफलता संभव नहीं थी. परिवार का विश्वास ही उनके संघर्ष के दिनों में सबसे बड़ा संबल बना.

अब UPSC है अगला लक्ष्य

बीपीएससी में सफलता हासिल करने के बाद संतोष कुमार ने अपना अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा को बनाया है.

उन्होंने कहा कि वे पूरी लगन और समर्पण के साथ अपनी तैयारी जारी रखेंगे और देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाकर समाज और देश की सेवा करना चाहते हैं.

सुईया बाजार में जश्न, बधाई देने वालों का लगा तांता

सफलता की खबर मिलते ही सुईया बाजार और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़गई. संतोष कुमार के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया.

उनके माता-पिता, पत्नी रूचि कुमारी, बड़े भाई एवं पंजाब नेशनल बैंक के सीनियर मैनेजर सदानंद कुमार, मंझले भाई विनय कुमार सहित पूरे परिवार ने उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया. क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और शुभचिंतकों ने भी उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

ग्रामीण युवाओं के लिए बने प्रेरणा

संतोष कुमार की सफलता ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल बन गई है. उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सफलता के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी मजबूत इरादे, अनुशासन और निरंतर मेहनत है.

पहले ही प्रयास में बीपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता हासिल कर संतोष ने साबित कर दिया है कि गांवों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं.

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Published by: AMIT KR SINHA

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