पिता के निधन के बाद नहीं टूटा हौसला, कटोरिया के अमित सिंह बने नगर कार्यपालक पदाधिकारी

BPSC Success Story: पिता के निधन के बाद भी अमित सिंह ने हार नहीं मानी. संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर कटोरिया के अमित ने BPSC में सफलता हासिल कर नगर कार्यपालक पदाधिकारी बने.

कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट

BPSC Success Story: बांका जिले के कटोरिया प्रखंड के कुम्हरातरी गांव के युवा अमित कुमार सिंह ने संघर्ष, आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत के बल पर सफलता की नई कहानी लिखी है. 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में उन्होंने शानदार सफलता हासिल करते हुए नगर कार्यपालक पदाधिकारी (Executive Officer) का पद प्राप्त किया है. इससे पहले वे 69वीं बीपीएससी परीक्षा में चयनित होकर रिवेन्यू ऑफिसर बने थे. सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बीच हासिल की गई यह उपलब्धि आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.

बचपन में पिता का साया उठा, लेकिन सपने नहीं टूटे

29 वर्षीय अमित कुमार सिंह हड़हार पंचायत के कुम्हरातरी गांव के निवासी हैं. वे स्वर्गीय गौतम सिंह और रेखा देवी के पुत्र हैं. बचपन में ही पिता का निधन हो जाने के बाद परिवार पर कठिन परिस्थितियां आ गईं, लेकिन अमित ने हालात के सामने हार नहीं मानी.

उनकी मां रेखा देवी, दादा स्वर्गीय चक्रधर प्रसाद सिंह और नाना नंद कुमार सिंह ने हर कदम पर उनका साथ दिया. परिवार के इसी सहयोग और विश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

गांव के स्कूल से शुरू हुआ सफलता का सफर

अमित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय से प्राप्त की. आठवीं तक की पढ़ाई कुम्हरातरी में पूरी करने के बाद उन्होंने फुआ के घर रहकर आगे की शिक्षा जारी रखी. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी आंखों से ओझल नहीं होने दिया.

शिक्षा के प्रति उनकी गंभीरता और लगन ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा और उसी दिशा में मेहनत शुरू कर दी.

रेलवे की नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी

बीपीएससी में सफलता हासिल करने से पहले अमित लगभग पांच वर्षों तक मुंबई में रेलवे टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत रहे. नौकरी की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी.

उन्होंने सेल्फ स्टडी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया और नियमित अध्ययन के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी. इसी मेहनत का परिणाम रहा कि पहले 69वीं बीपीएससी में रिवेन्यू ऑफिसर बने और अब 70वीं बीपीएससी में नगर कार्यपालक पदाधिकारी का पद हासिल कर लिया.

UPSC है अगला लक्ष्य

प्रभात खबर से बातचीत के दौरान अमित कुमार सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के त्याग, सहयोग और अपने निरंतर प्रयासों को दिया. उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करना है.

उन्होंने कहा कि वे अभी से यूपीएससी की तैयारी में जुट गए हैं और देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में योगदान देने का सपना देख रहे हैं.

युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

अमित का मानना है कि किसी भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की शुरुआत मजबूत बुनियादी ज्ञान से होती है. उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट स्तर पर ही विषयों के बेसिक कॉन्सेप्ट को मजबूत करें.

उनके अनुसार यदि बुनियादी समझ मजबूत हो तो बीपीएससी और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी अपेक्षाकृत आसान हो जाती है. नियमित अध्ययन, अनुशासन और धैर्य सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं.

बेटा-बेटी में भेदभाव न करें अभिभावक

अमित कुमार सिंह ने अभिभावकों से भी महत्वपूर्ण अपील की. उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी दोनों को समान अवसर, शिक्षा और प्रोत्साहन मिलना चाहिए. परिवार का सहयोग बच्चों को बड़े लक्ष्य हासिल करने की ताकत देता है.

उनकी सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के रास्ते में स्थायी बाधा नहीं बन सकतीं. आज अमित कुमार सिंह का संघर्ष और सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा की नई मिसाल बन चुका है.

Also Read : बौंसी के दो सितारों ने बढ़ाया मान, खुशनुद बनीं RDO, तो अरविंद रंजन का SDC पद पर चयन

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: AMIT KR SINHA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >