Bihar Cyber Fraud: 10th क्लास के छात्र की फ्रॉडगिरी! डीईओ बनकर प्रिंसिपल को किया फोन, ई-शिक्षा एप से राशि ठगने की रची साजिश

Bihar Cyber Fraud: बिहार के बांका में दसवीं के छात्र ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि हर कोई हैरान रह गया. छात्र ने खुद को जिला शिक्षा पदाधिकारी बताकर स्कूल के प्रिंसिपल से बात की और ई-शिक्षा के पैसे उड़ाने की साजिश रच डाली. जब असली डीईओ को कॉल किया गया, तो पूरा सच सामने आया.

Bihar Cyber Fraud: बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय (लौसा) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां, दसवीं क्लास के छात्र ने अपने ही स्कूल के प्रिंसिपल को साइबर ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की. छात्र ने खुद को जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) बताकर फोन किया था और ई-शिक्षा कोष की राशि ट्रांसफर कराने की योजना बनाई थी. जानकारी के अनुसार, छात्र ने प्रिंसिपल का मोबाइल हैक कर उनसे ई-शिक्षा ऐप से जुड़ी अहम जानकारी हासिल करने की कोशिश की. हालांकि, समय रहते प्रिंसिपल को शक हुआ और उन्होंने डीईओ से संपर्क कर सच्चाई की पुष्टि की जिससे सरकारी रकम उड़ने से बच गई.

सरकारी नंबर पर कॉल करके मांगा ओटीपी

इस मामले की पुष्टि करते हुए एसपी उपेन्द्रनाथ वर्मा ने बताया कि अमरपुर थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय लौसा के प्रिंसिपल संजीव कुमार तिवारी से आरोपी ने खुद को डीईओ बताकर संपर्क किया था. उसने ओटीपी मांगा जिसके बाद प्रिंसिपल ने उस फ्रॉड को डीईओ समझ कर ओटीपी दे भी दी. लेकिन, समय पर उन्हें शक हो गया.

खाते से लेन-देन पर लगाई गई रोक

जब प्रधानाध्यापक को डीईओ के नाम पर कॉल आया और मोबाइल हैक होने का शक हुआ, तो उन्होंने खुद असली डीईओ से संपर्क किया. डीईओ ने ऐसा कोई फोन करने से इनकार कर दिया. जिसके बाद तुरंत खाता से लेन-देन पर रोक लगा दी गई.

साइबर थानाअध्यक्ष को दी गई जानकारी

डीएसपी अनुपेश नारायण को इस मामले की खबर दी गई. जिसके बाद पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रों ने यह काम साइबर अपराधियों के साथ मिलकर किया था. पुलिस ने छात्रों को नालंदा से गिरफ्तार कर लिया है. डीएसपी ने यह भी बताया कि कुछ लोग मासूम बच्चों को बहला-फुसलाकर अपराध के रास्ते पर ले जा रहे हैं. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उनकी हरकतों को गंभीरता से लें.

पुलिस की तरफ से चलाई जा रही मुहीम

डीएसपी ने यह भी बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस मुहीम चला रही है. जिसके तहत ऐसे मामलों का वैज्ञानिक पद्धति से खोज कर गिरफ्तारी की जा रही है.

(जयश्री आनंद की रिपोर्ट)

Also Read: Bihar Cabinet: नीतीश कैबिनेट की बैठक में 41 एजेडों पर मुहर, राजगीर खेल एकेडमी के लिए 1100 करोड़ मंजूर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >