बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण भलजोर पुल पर जल्द ही भारी वाहनों का परिचालन बंद किया जा सकता है. पुल की सुरक्षा को देखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने गार्डर लगाने का काम तेज कर दिया है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब एक सप्ताह में गार्डर लगाने का काम पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाये जाने की तैयारी है.
कमजोर पुल पर भारी वाहनों से हादसे का खतरा
भलजोर पुल नेशनल हाईवे-133 पर स्थित है और बिहार को झारखंड व पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है. पुल की स्थिति कमजोर होने के कारण भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. इसी को देखते हुए पुल पर गार्डर लगाकर भारी वाहनों का प्रवेश रोकने की तैयारी की जा रही है.
पुल पर गार्डर लगाने का काम टॉप लाइन कंपनी को दिया गया है. संवेदक के कर्मियों की ओर से कार्य तेजी से कराया जा रहा है, ताकि निर्धारित समय में काम पूरा किया जा सके.
यात्री बसों को भी लेना पड़ सकता है वैकल्पिक रास्ता
भलजोर पुल से भागलपुर, पूर्णिया और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में यात्री बसें हंसडीहा होते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरों तक जाती हैं. भारी वाहनों पर रोक लगने के बाद यातायात व्यवस्था में बदलाव की संभावना है. वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने पर यात्रियों की यात्रा दूरी और समय बढ़ सकता है.
माल ढुलाई पर भी पड़ेगा असर
इस मार्ग से यात्री वाहनों के साथ बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन भी गुजरते हैं. खाद्यान्न, सब्जियां, फल, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं की ढुलाई इसी रास्ते से होती है. भारी वाहनों का परिचालन बंद होने पर माल की आवाजाही को दूसरे मार्गों से करना पड़ सकता है.
वैकल्पिक रास्तों से माल पहुंचाने पर परिवहन खर्च बढ़ने की संभावना है. इसका असर बाजार में खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है. कारोबारियों और वाहन संचालकों के लिए भी मार्ग परिवर्तन के कारण अतिरिक्त परेशानी बढ़ सकती है.
सुरक्षा को देखते हुए लिया जा रहा फैसला
एनएचएआई के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि भलजोर पुल पर गार्डर लगाने का काम तेजी से चल रहा है. गार्डर लगाने के बाद भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की तैयारी है. उन्होंने बताया कि पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है.
