बांका में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 22 सितंबर तक छाये रहेंगे बादल, गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

बांका के मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. 20 से 22 सितंबर के बीच घने बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना है. किसानों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.

सितंबर के अंतिम दिनों में बांका के मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 22 सितंबर के बीच दक्षिण बिहार के जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. इस दौरान आसमान में घने बादल छाये रहने की संभावना है. वहीं, एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. मौसम के इस बदलाव का असर खेती-किसानी के कामकाज पर भी पड़ सकता है.

तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही, बारिश का भी अनुमान

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 22 सितंबर के दौरान आसमान में बादलों की सक्रियता बनी रह सकती है. एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जतायी गयी है. कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. ऐसे में दिन के समय धूप और बादलों के बीच मौसम का मिजाज बदलता नजर आ सकता है.

बारिश का क्षेत्रवार असर अलग-अलग रह सकता है. इसलिए स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा. खासकर खेतों में काम करने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है.

34 डिग्री तक पहुंचेगा दिन का तापमान

पूर्वानुमान अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. वहीं रात और सुबह के समय न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. यानी तापमान में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन बादल और बारिश के कारण मौसम में ठंडक महसूस हो सकती है.

सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है. दोपहर में यह घटकर 60 से 70 प्रतिशत के बीच रह सकती है. अधिक नमी के कारण उमस का असर भी कुछ समय तक बना रह सकता है.

पुरबा हवा बढ़ायेगी मौसम की हलचल

पूर्वानुमान अवधि में 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरबा हवा चलने की संभावना है. हवा और बादलों की सक्रियता के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. गरज-चमक के दौरान स्थानीय स्तर पर हवा की गति बढ़ने की भी स्थिति बन सकती है.

किसानों के लिए मौसम की जानकारी पर नजर रखना जरूरी

मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गयी है. बारिश और तेज हवा की संभावना को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना मौसम की स्थिति के अनुसार बनाने से नुकसान की आशंका कम की जा सकती है. खासकर खेतों में चल रहे काम के दौरान अचानक मौसम बदलने पर सावधानी बरतना जरूरी होगा.

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लेखक के बारे में

By सुभाष वैद्य

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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