चयन के एक साल बाद भी नहीं मिला योगदान, शंभुगंज की चयनित सहायिका ने दी मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी

शंभुगंज प्रखंड की आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-169 पर चयनित सहायिका को एक साल बाद भी नियुक्ति नहीं मिली है। फर्जी बहाली रद्द होने के बाद हुई नई चयन प्रक्रिया में रीना भारती का चयन हुआ था, लेकिन अब तक योगदान नहीं कराया गया है।

Banka Anganwadi: शंभुगंज प्रखंड की समेकित बाल विकास परियोजना में प्रशासनिक शिथिलता का मामला सामने आया है. आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-169 पर चयनित सहायिका को सक्षम प्राधिकारी के आदेश के बावजूद अब तक योगदान नहीं कराया गया है. इससे केंद्र के संचालन और बच्चों को मिलने वाली सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

फर्जी बहाली रद्द होने के बाद हुई थी नई चयन प्रक्रिया

जानकारी के अनुसार केंद्र संख्या-169 पर पूर्व में कार्यरत सहायिका की बहाली फर्जी पाए जाने के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने उसका चयन रद्द कर दिया था. इसके बाद नए सिरे से बहाली प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें सहायिका पद के लिए चार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया.

तीन आमसभा के बाद हुआ अंतिम चयन

चयन प्रक्रिया के दौरान तीन बार आमसभा आयोजित की गई. इसके बाद रीना भारती, पति मृत्युंजय कुमार, का अंतिम रूप से चयन किया गया. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने भी उनके पक्ष में आदेश जारी कर दिया, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें योगदान नहीं कराया गया.

चयनित अभ्यर्थी ने लगाया लापरवाही का आरोप

Banka Anganwadi: रीना भारती ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण उन्हें लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह इस मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से करेंगी.

बच्चों की सेवाएं भी हो रही प्रभावित

सहायिका का पद रिक्त रहने के कारण केंद्र का संचालन केवल सेविका के भरोसे हो रहा है. इससे बच्चों को समय पर पोषाहार और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है.

क्या बोलीं सीडीपीओ

इस संबंध में सीडीपीओ मीना कुमारी ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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लेखक के बारे में

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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