श्रावणी मेला में भटकी 75 वर्षीय कांवरिया को बांका पुलिस ने सुरक्षित घर पहुंचाया

श्रावणी मेले के दौरान अबरखा के पास अचेत अवस्था में मिली 75 वर्षीय महिला कांवरिया को सुईया थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई, बल्कि होश आने पर उन्हें महिला सिपाहियों की निगरानी में पश्चिम बंगाल स्थित उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया. परिजनों ने इस मानवीय पहल के लिए बांका पुलिस का हृदय से आभार जताया है.

Banka News: बांका जिले के श्रावणी मेला क्षेत्र में पुलिस की संवेदनशीलता और मानवीय पहल की एक मिसाल सामने आई है. अबरखा के पास अचेत अवस्था में मिली 75 वर्षीय महिला कांवरिया को सुईया थाना पुलिस ने न केवल इलाज उपलब्ध कराया, बल्कि स्वस्थ होने के बाद महिला सिपाहियों की निगरानी में उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया. परिजनों ने महिला की सकुशल वापसी पर बांका पुलिस का आभार जताया.

अबरखा के पास अचेत मिली थीं वृद्ध कांवरिया

जानकारी के अनुसार, 6 अगस्त को श्रावणी मेला के दौरान अबरखा के समीप लगभग 75 वर्षीय महिला कांवरिया अचेत अवस्था में मिली थीं.

उनकी पहचान बाद में सुशीला देवी, पति रामध्यान यादव, निवासी आसनसोल, जिला वर्धमान (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई. सूचना मिलते ही सुईया थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार झा मौके पर पहुंचे और उन्हें अपनी देखरेख में लिया.

तत्काल उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सुविधा

पुलिस ने बिना देर किए वृद्ध महिला को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई.

उपचार के दौरान पुलिसकर्मी लगातार उनकी देखभाल करते रहे. कुछ समय बाद महिला की हालत में सुधार हुआ और उन्हें होश आ गया.

होश आने पर शुरू हुई पहचान और संपर्क की प्रक्रिया

स्वस्थ होने के बाद पुलिस ने महिला के बताए गए नाम और पते का सत्यापन किया.

इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई. महिला ने अपने गृह जिले आसनसोल लौटने की इच्छा जताई, जिसके बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की.

महिला सिपाहियों की निगरानी में पहुंचीं आसनसोल

वृद्ध महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बांका पुलिस की महिला सिपाहियों की विशेष निगरानी में उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल ले जाया गया.

वहां पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने सुशीला देवी को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया. पूरे सफर के दौरान उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया.

श्रावणी मेला में पुलिस की मानवीय पहल की सराहना

श्रावणी मेला में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच इस तरह की संवेदनशील कार्रवाई ने पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत किया है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में वृद्ध, बीमार या बिछड़े श्रद्धालुओं की सहायता के लिए पुलिस की तत्परता बेहद महत्वपूर्ण होती है.

Banka News: परिजनों ने जताया आभार

सुशीला देवी के सुरक्षित घर पहुंचने के बाद उनके परिजनों ने बांका पुलिस, विशेषकर सुईया थाना पुलिस और महिला सिपाहियों के प्रति आभार व्यक्त किया.

उन्होंने कहा कि पुलिस की संवेदनशीलता और समय पर की गई कार्रवाई के कारण ही उनकी वृद्ध परिजन सुरक्षित अपने घर लौट सकीं.

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लेखक के बारे में

By दीपक चौधरी

दीपक चौधरी प्रिंट माध्यम में 23 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कटोरिया (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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