धोरैया ( बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट:
धोरैया प्रखंड के अलग-अलग पंचायतों में नल जल योजना के संचालन के लिए पंप चालकों की नियुक्ति की गयी थी. इनका काम गांवों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना है. लेकिन लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण पंप चालकों में भारी नाराजगी है.पैर पंचायत के चंदन कुमार सिंह, रणगांव के सुबोध भगवै, भेलाई के सीताराम लैया, ताहीरपुर गौरा के प्रहलाद मोदी और मुर्शीद आलम समेत कई पंप चालकों ने बीडीओ को आवेदन देकर अपनी परेशानी बताई है.37-38 महीने से नहीं हुआ भुगतान
पंप चालकों ने आवेदन में कहा है कि वे मिनी जलापूर्ति योजना के अंतर्गत वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन संवेदक की ओर से पिछले 37 से 38 महीनों से पारिश्रमिक राशि का भुगतान नहीं किया गया है.
उनका कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और संवेदक से भुगतान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. लगातार आर्थिक तंगी के कारण अब उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है.भुखमरी के हालात, बढ़ी नाराजगी
पंप चालकों ने आरोप लगाया कि समय पर मानदेय नहीं मिलने से उनके परिवार की स्थिति बेहद खराब हो गई है. बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है.ग्रामीणों का कहना है कि नल जल योजना गांवों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन योजना से जुड़े कर्मियों की उपेक्षा से व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है.
बीडीओ ने जांच का दिया भरोसा
मामले को लेकर धोरैया बीडीओ ने कहा कि आवेदन प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंप चालकों का लंबित मानदेय दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जायेगी. अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर वर्षों से लंबित भुगतान कब तक हो पाता है.
