बांका में सात सितंबर तक बारिश का दौर जारी, आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट

बांका जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. येलो अलर्ट के बीच गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है. किसानों को फसलों की खास निगरानी और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है.

बांका जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश का दौर लगातार जारी है. मानसून की गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं. मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को जिले में कहीं भारी तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने और आसमान में घने बादल छाए रहने के आसार हैं. विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.

आज गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

शुक्रवार को बांका में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. दक्षिण व पुरबा हवा 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. हवा में नमी अधिक रहने के कारण उमस बनी रहेगी. सापेक्ष आर्द्रता 75 से 92 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है. सुबह के समय आर्द्रता 85 से 92 प्रतिशत, दोपहर में 76 से 88 प्रतिशत और रात में 88 से 92 प्रतिशत तक रह सकती है.

सात सितंबर तक छाए रहेंगे घने बादल

बिहार कृषि विश्वविद्यालय ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 7 सितंबर तक बांका, भागलपुर समेत दक्षिण बिहार के अन्य जिलों में मौसम सक्रिय रह सकता है. इस दौरान बांका में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

आंधी के समय 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा

पूर्वानुमान के मुताबिक इस अवधि में पुरबा हवा 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. आंधी के दौरान हवा की गति बढ़कर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. सुबह सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत तथा दोपहर और रात में 86 से 92 प्रतिशत के बीच रह सकती है. ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

किसानों को फसलों की निगरानी की सलाह

कृषि वैज्ञानिकों ने मौसम को देखते हुए किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है. धान की फसल में कम वर्षा की स्थिति में खरपतवार की वृद्धि बढ़ सकती है, इसलिए समय पर निराई-गुड़ाई करने को कहा गया है. खरीफ मक्का में तना बेधक के प्रकोप पर नजर रखने तथा प्रभावित पौधों में लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित दवा का प्रयोग करने की सलाह दी गयी है.

अरहर की खेती को लेकर भी जरूरी सलाह

कृषि वैज्ञानिकों ने अरहर सहित अन्य फसलों में आवश्यकतानुसार गैप फिलिंग, छंटाई और निराई-गुड़ाई करते रहने को कहा है. सितंबर में बोई जाने वाली अरहर के लिए खेत की तैयारी पूरी करने की सलाह दी गयी है. वहीं आपदा प्रबंधन विभाग ने आमलोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली खंभों के पास नहीं रहने की अपील की है. गरज-चमक के समय पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी गयी है.

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लेखक के बारे में

By सुभाष वैद्य

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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