बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट.
Banka Mandi : बांका की प्रमुख मंडी में खाद्यान्न और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. बढ़ती महंगाई और माल ढुलाई पर बढ़े खर्च का सीधा असर बाजार पर पड़ा है. दाल, खाद्य तेल, मसाले और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी आने से आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित हुआ है. व्यापारी भी दोहरी मार झेल रहे हैं. एक ओर सामान की आवक प्रभावित हो रही है तो दूसरी ओर परिवहन खर्च लगातार बढ़ रहा है.
महंगाई और परिवहन खर्च ने बढ़ाई परेशानी
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार डीजल और पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से माल ढुलाई का खर्च काफी बढ़ गया है. लंबी दूरी से आने वाले खाद्यान्न और अन्य जिंसों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है. थोक व्यापारियों से लेकर खुदरा दुकानदारों तक को पहले की तुलना में अधिक भाड़ा देना पड़ रहा है. यही कारण है कि बाजार में कई जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ गये हैं.
दाल, तेल और मसालों में तेजी, ग्राहकों पर दबाव
मंडी के कारोबारियों का कहना है कि दलहन, तेलहन, सरसों और मसालों की कीमतों में तेजी बनी हुई है. दूसरी तरफ गेहूं, मक्का और कुछ अन्य जिंसों के भाव में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. सबसे अधिक असर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके लिए घरेलू खर्च संभालना चुनौती बनता जा रहा है.
बांका मंडी का आज का ताजा भाव
बुधवार को बांका मंडी में गेहूं 2600 से 2650 रुपये प्रति क्विंटल, मक्का 2100 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल और मंसूरी चावल 3250 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है. अरवा मोटा चावल 3100 से 3250 रुपये और बासमती चावल 12500 से 13500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है.
दालों में मसूर 5550 से 6750 रुपये, मूंग दाल 9540 से 9600 रुपये और अरहर दाल 11000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच कारोबार कर रही है. गोटा चना 6200 से 6400 रुपये तथा गोटा मूंग 8500 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.
तेलहन में पीली सरसों 7300 से 7550 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है. वहीं 15 लीटर सरसों तेल का टिन 2070 से 2470 रुपये के बीच पहुंच गया है. सब्जियों में आलू 1200 से 1450 रुपये और प्याज 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है.
आगे भी बने रह सकते हैं उतार-चढ़ाव
मंडी के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में आवक और परिवहन लागत के आधार पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. यदि ईंधन की कीमतों में वृद्धि जारी रहती है तो खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है.
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