Banka News : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बांका जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. कटोरिया प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को अधिकारियों की टीम ने टेंट सिटी और धर्मशालाओं का व्यापक निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं के ठहराव, पेयजल, शौचालय, स्नानागार, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया और संबंधित कर्मियों को कई आवश्यक निर्देश दिए गए.
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर यह निरीक्षण अभियान चलाया गया, ताकि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी कांवरिया को यात्रा या ठहराव के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े.
इन टेंट सिटी और धर्मशालाओं का हुआ निरीक्षण
निरीक्षण टीम ने अबरखा टेंट सिटी, अबरखा धर्मशाला, कोल्हुआ टेंट सिटी और सरकारी धर्मशाला इनारावरण का दौरा किया. टीम में जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) प्रमोद कुमार, नजारत उपसमाहर्ता परमानंद साह और कटोरिया बीडीओ देवाशीष कुमार शामिल थे.
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक सुधार के लिए दिशा-निर्देश दिए.
कोल्हुआ टेंट सिटी में निर्माण कार्य तेज करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विशेष रूप से कोल्हुआ टेंट सिटी में चल रहे निर्माण कार्य और बुनियादी सुविधाओं की बहाली की प्रगति की समीक्षा की. संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं के आगमन से पहले पूरी व्यवस्था सुचारु रूप से चालू हो सके.
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध रहनी चाहिए.
स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान पेयजल आपूर्ति, शौचालय, स्नानागार, बिजली व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया. अधिकारियों ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन ठहराव स्थलों का उपयोग करते हैं.
प्रशासन का मानना है कि बेहतर स्वच्छता और व्यवस्थित ठहराव व्यवस्था से कांवरियों की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी.
Banka News: कांवरिया सेवा को प्रशासन ने बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकारियों ने कहा कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी भी है. कांवरिया पथ पर लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए टेंट सिटी, धर्मशाला और अन्य ठहराव स्थलों की नियमित निगरानी की जा रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों की गति पहले से अधिक तेज है और यदि निर्देशों का प्रभावी पालन हुआ तो श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
