बांका के धोरैया में पशु टीकाकर्मियों का आंदोलन तेज, FMD Round-7 वैक्सीनेशन बहिष्कार कर विभाग को सौंपा आवेदन

धोरैया में पशु चिकित्सालय के टीकाकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर FMD Round-7 वैक्सीनेशन कार्य का बहिष्कार कर दिया है. वर्षों से विभागीय कार्यों में योगदान के बावजूद नियमित मानदेय और बकाये भुगतान न मिलने से आक्रोशित हैं.

Banka News: बांका जिले के धोरैया स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय में कार्यरत टीका कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर FMD Round-7 वैक्सीनेशन कार्य का बहिष्कार कर दिया है. टीका कर्मियों का कहना है कि वर्षों से विभागीय कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देने के बावजूद उन्हें न तो नियमित मानदेय मिला और न ही कई महत्वपूर्ण कार्यों का बकाया भुगतान समय पर किया गया.

आंदोलन की जानकारी देते हुए टीका कर्मियों ने भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, धोरैया को आवेदन सौंपा और स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वैक्सीनेशन कार्य स्थगित रहेगा.

15 वर्षों से विभागीय कार्य करने का दावा

टीका कर्मियों ने आवेदन में कहा कि वे पिछले लगभग 15 वर्षों से विभाग द्वारा सौंपे गए विभिन्न कार्यों में लगातार भाग लेते रहे हैं.

उनके अनुसार पशुओं के टीकाकरण, पशु गणना और ईयर टैग जैसे कार्य नियमित रूप से किए गए, लेकिन इन कार्यों का भुगतान अब तक लंबित है.

बकाया भुगतान और मानदेय की प्रमुख मांग

आवेदन देने वाले कर्मियों में प्रखंड अध्यक्ष वेद व्यास, विकास कुमार, कपिलदेव साह, सदानंद यादव, सिकंदर मंडल और प्रवीण कुमार सहित अन्य टीका कर्मी शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि सभी कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किए जाते रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से उचित मानदेय और समय पर मजदूरी नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

FMD पशु गणना और पुराने बकाये के भुगतान की मांग

टीका कर्मियों ने अपनी मांगों में नियमित मानदेय लागू करने, पुराने बकाये का भुगतान करने, FMD पशु गणना से संबंधित लंबित राशि अविलंब जारी करने और क्षेत्र में OTP संबंधी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है.

इसके साथ ही उन्होंने दैनिक टीकाकरण लक्ष्य को पहले की तरह 150 पशु प्रतिदिन निर्धारित करने की भी मांग उठाई है.

Banka News: मांगें पूरी होने तक वैक्सीनेशन रहेगा स्थगित

टीका कर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक विभाग उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक FMD Round-7 वैक्सीनेशन अभियान में उनकी भागीदारी नहीं होगी.

पशुपालन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि यह बहिष्कार लंबे समय तक जारी रहता है, तो पशुओं के टीकाकरण अभियान और ग्रामीण पशुपालकों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है.

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By Pradeep Kumar

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