अमरपुर प्रखंड के डुमरामा गांव निवासी अभिजात ने अपनी प्रतिभा और शोध के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है. इसी वर्ष आईआईटी मुंबई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की डिग्री हासिल करने वाले अभिजात वर्तमान में हैदराबाद स्थित अमेरिकी कंपनी क्वालकॉम इंडिया में कार्यरत हैं. पढ़ाई के दौरान शोध के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को भी पहचान मिली और अब फिनलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उनके शोध को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र अवार्ड से सम्मानित किया गया.
आईआईटी मुंबई के दीक्षांत समारोह में भी मिला सम्मान
23 अगस्त को आयोजित आईआईटी मुंबई के दीक्षांत समारोह में अभिजात को एमटेक की डिग्री प्रदान की गयी. इसी दौरान चार शोध पत्रों और प्रबंधों के लिए उन्हें अंडरग्रेजुएट रिसर्च अवार्ड से भी सम्मानित किया गया. इनमें से एक शोध पत्र आईआईटी मुंबई की ओर से न्यूयॉर्क स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स को भेजा गया था.
शोध के क्षेत्र में मिली इस उपलब्धि के बाद अभिजात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने काम को प्रस्तुत करने का अवसर मिला. फिनलैंड में आयोजित सम्मेलन में उनके शोध की प्रस्तुति ने उन्हें वैश्विक शोध समुदाय के बीच पहचान दिलायी.
फिनलैंड में दुनिया भर के शोधकर्ताओं के सामने रखा शोध
13 से 17 सितंबर तक फिनलैंड के टाम्पेरे शहर में इमेज प्रोसेसिंग विषय पर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस आयोजित की गयी. इसमें दुनिया के विभिन्न देशों से छात्र, प्रोफेसर और रिसर्च स्कॉलर शामिल हुए. इसी सम्मेलन में अभिजात को अपने शोध पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया था.
सम्मेलन के दौरान अभिजात ने अपने शोध कार्य को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत किया. उनके शोध को सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र अवार्ड से सम्मानित किया गया. इस उपलब्धि के बाद अमरपुर से लेकर बांका तक उनके परिवार और परिचितों में खुशी का माहौल है.
बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे अभिजात
अभिजात के पिता परिमल कुमार मिश्रा और माता विनीता मिश्रा ने बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं. उनकी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा भागलपुर के डीएवी स्कूल से हुई. वर्ष 2021 में नई दिल्ली से प्रथम श्रेणी में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उसी वर्ष उन्होंने आईआईटी में दाखिला लिया था.
आईआईटी मुंबई में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ उन्होंने शोध कार्य पर भी विशेष ध्यान दिया. बीटेक और एमटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब वह क्वालकॉम इंडिया में कार्यरत हैं.
गांव से लेकर जिले तक मिल रही बधाइयां
अभिजात की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर उनके नाना अजय कुमार चक्रवर्ती, नानी पूर्णिमा चक्रवर्ती, प्रदीप कुमार चक्रवर्ती, डॉ. पृथ्वीराज चक्रवर्ती, ध्रुव ठाकुर सहित जिले के बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने खुशी जतायी. लोगों ने अभिजात को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. ग्रामीणों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली यह पहचान क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है.
