28 मई को अदा होगी बकरीद की नमाज, ओलामा काउंसिल ने जारी की शांति व स्वच्छता की गाइडलाइन
Banka News : बकरीद को लेकर बांका में तैयारियां तेज हो गयी हैं. ओलामा काउंसिल ने 28 मई को ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करने का ऐलान करते हुए लोगों से अमन, शांति और साफ-सफाई के साथ पर्व मनाने की अपील की है.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट : बांका जिले में आगामी 28 मई गुरुवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व पूरे अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जाएगा. ओलामा काउंसिल बांका के जिलाध्यक्ष मुफ्ती मो कमाल मुस्तफा और जिला सचिव मुफ्ती मो मुस्तकिम अहमद ने संयुक्त रूप से इसकी घोषणा की है. पर्व को लेकर काउंसिल की ओर से विशेष गाइडलाइन भी जारी की गयी है, जिसमें लोगों से शांति, स्वच्छता और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की गयी है.
देश और राज्य की खुशहाली के लिए मांगी जा;गी दुआ
ओलामा काउंसिल के पदाधिकारियों ने कहा कि बकरीद की नमाज के दौरान देश और राज्य की तरक्की, अमन और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की जाएगी. लोगों से अपील की गयी है कि त्योहार को आपसी भाईचारे और सौहार्द के माहौल में मनाएं.
सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी नहीं देने की अपील
ओलामा काउंसिल बांका के जिलाध्यक्ष मुफ्ती मो कमाल मुस्तफा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति चौक-चौराहों या सार्वजनिक स्थलों पर जानवरों की कुर्बानी न दें. कुर्बानी के दौरान पर्दे का पूरा एहतमाम किया जाए और आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि किसी प्रकार की गंदगी न फैले.
सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने से बचने की सलाह
काउंसिल की ओर से जारी गाइडलाइन में लोगों से अपील की गयी है कि कुर्बानी के दौरान फोटो या वीडियो न बनाएं और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने से बचें. मुफ्ती कमाल मुस्तफा ने कहा कि कुर्बानी केवल अल्लाह की रज़ा के लिए की जाती है, इसलिए इसे दिखावे का माध्यम न बनाया जाए.
“बुरे विचारों की भी करें कुर्बानी”
ओलामा काउंसिल बांका के जिला सचिव मुफ्ती मो मुस्तकिम अहमद ने कहा कि बकरीद केवल जानवरों की कुर्बानी का पर्व नहीं है, बल्कि इंसान को अपने भीतर की बुराइयों को भी खत्म करने का संदेश देता है. उन्होंने लोगों से नफरत, बगावत और गलत सोच को छोड़कर इंसानियत और नेक रास्ते पर चलने की अपील की.
भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है बकरीद
मुफ्ती मुस्तकिम अहमद ने कहा कि इंसान को ऐसा जीवन जीना चाहिए, जिससे समाज में उसकी अच्छी मिसाल पेश की जा सके. उन्होंने कहा कि बकरीद का त्योहार त्याग, इंसानियत और भाईचारे का प्रतीक है और सभी को मिल-जुलकर इसे मनाना चाहिए.