बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Hanuman Chalisa: अंग प्रक्षेत्र और बांका जिले के धार्मिक व सांस्कृतिक कड़ियों में मंगलवार का दिन पूरी तरह भक्तिमय नजर आया. जिले के विभिन्न प्रक्षेत्रों में स्थापित बजरंगबली मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना कर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया. सुबह और शाम के विशेष सत्रों में कपूर और गाय के शुद्ध घी के दीपकों के साथ मारुति नंदन की भव्य महाआरती संधारित की गई. भगवान को तुलसी दल के साथ गुड़, चना और बेसन के लड्डुओं का महाभोग लगाया गया. मंदिरों में मुस्तैद आचार्यों व पंडितों के द्वारा दर्शन के लिए कतारबद्ध खड़े कनिष्ठ व वरिष्ठ श्रद्धालुओं को तिलक-टीका लगाया गया, जिसके बाद भक्तों के बीच व्यापक स्तर पर प्रसाद का वितरण हुआ.
पंजवारा संकट मोचन मंदिर में झारखंड से भी पहुंचे भक्त
- 15 घंटे खुला रहा पट: श्रद्धालुओं की भारी आवक को देखते हुए मंदिर के कपाट सुबह 06:00 बजे ही खोल दिए गए थे, जो रात 09:00 बजे तक अनवरत खुले रहे.
- महाप्रसाद और कीर्तन की कमान: मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष महेश मंडल व सचिव विनय भगत ने बताया कि मुख्य पुजारी बच्चेलाल मिश्रा के निर्देशन में मंदिर में नियमित रूप से श्रृंगार पूजा और महाआरती संधारित की जाती है. प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को यहाँ विशेष संध्या कीर्तन के साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय कली-मजदूरों के बीच महाप्रसाद (भंडारा) का वितरण पारदर्शी तरीके से किया जाता है. इस अवसर पर बिहार के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ झारखंड के कई गांवों के श्रद्धालु भी शीश नवाने पहुंचे थे.
मंदार मधुसूदन मंदिर में भगवान का महास्नान, संध्या को होगी भव्य आरती
“जिले के गौरवशाली इतिहास को समेटे मंदार पर्वत स्थित प्रसिद्ध भगवान मधुसूदन मंदिर में भी मंगलवार को दिनभर विशेष अनुष्ठान मुस्तैद रहे. मंदिर के मुख्य पुजारी कप्तानों ने बताया कि सुबह 07:30 बजे पंडित विंदेश्वरी झा उर्फ पटल झा एवं लक्ष्मण झा के वैदिक सानिध्य में भगवान की दिव्य प्रतिमा को महास्नान (अभिषेक) कराया गया.”
- महाभोग व पट खुलने का समय: दोपहर 12:00 बजे भगवान को राजभोग लगाया गया, जिसके बाद विश्राम के लिए कपाट बंद हुए. श्रद्धालुओं के सुलभ दर्शन के लिए दोपहर 01:00 बजे दोबारा पट खोले गए, जो देर शाम 07:00 बजे शयन आरती के बाद बंद किए जाएंगे.
- संध्या श्रृंगार: आज शाम 06:00 बजे भगवान मधुसूदन का विशेष भव्य श्रृंगार और महाआरती का आयोजन संधारित किया गया है, जिसमें शामिल होने के लिए प्रबुद्ध नागरिकों की भारी भीड़ जुट रही है.
इसके अतिरिक्त, बांका शहरी क्षेत्र के भयहरण स्थान और बाबूटोला स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में भी सुबह 05:00 बजे कपाट खुलने के साथ ही जलाभिषेक और सिंदूर श्रृंगार की कमान संभाली गई. शाम होते ही पूरा बांका जिला जय श्रीराम और जय बजरंगबली के नारों से पूरी तरह गुंजायमान रहा.
