फर्जी बीपीएड अंकपत्र से शिक्षक की नियुक्ति का खुलासा
फर्जी बीपीएड अंकपत्र से शिक्षक की नियुक्ति का खुलासा
By SHUBHASH BAIDYA | Updated at :
गजेंद्र प्रसाद मंडल की नियुक्ति में फर्जी दस्तावेज के आधार पर हुआ था नियोजन, शिक्षा विभाग की प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
बौंसी. बांका जिले में शिक्षा विभाग की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. माननीय उच्च न्यायालय, पटना के निर्देश पर चल रही जांच में बौंसी स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बभनगामा में कार्यरत शिक्षक गजेंद्र प्रसाद मंडल की नियुक्ति फर्जी बीपीएड अंकपत्र के आधार पर होने का खुलासा हुआ है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा की गयी जांच में पाया गया कि वर्ष 2008 में नियोजन के समय गजेंद्र प्रसाद मंडल ने बीपीएड प्रशिक्षण का फर्जी अंकपत्र प्रस्तुत कर आवेदन किया था. जांच के क्रम में उनके शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया, जिसमें उड़ीसा स्थित उत्कल विश्वविद्यालय की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि प्रस्तुत अंकपत्र फर्जी है व अंकपत्र में दिखाए गए कुल 605 अंक भी सत्यापन में गलत पाए गए. नियोजन के बाद भी शिक्षक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. वे लगातार उक्त विद्यालय में कार्यरत रहे. इस खुलासे के बाद वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा ने कांड संख्या 65/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दी है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी अब तक नहीं मिली है. जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस मामले ने न केवल संबंधित शिक्षक पर कानूनी कार्रवाई की संभावना जतायी है, बल्कि जिले में शिक्षक नियोजन प्रक्रिया की पारदर्शिता व सत्यापन प्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.