19 मार्च से 27 मार्च तक श्रद्धालु व्रत रखकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करेंगे, अंतिम दिन रामनवमी पर विशेष हवन व कन्या पूजन
बौंसी. प्रखंड क्षेत्र में आज से पावन चैत्र नवरात्र की शुरुआत के साथ ही माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग जायेगा. 19 मार्च से 27 मार्च तक चलने वाले इस महापर्व में श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे. मंदिरों में भक्ति गीत, दुर्गा सप्तशती पाठ व सुबह-शाम आरती से वातावरण भक्तिमय बना रहेगा. मंदिरों के साथ-साथ लोग अपने घरों में भी शक्ति की देवी मां दुर्गा की आराधना करेंगे. पहले दिन आज (प्रतिपदा) को सुबह 6:52 बजे से शुभ मुहूर्त में घटस्थापना, अखंड ज्योति प्रज्वलन व जवारे बोने की परंपरा निभायी जायेगी. इसी के साथ श्रद्धालु मां शैलपुत्री की पूजा कर नवरात्र व्रत का संकल्प लेंगे. प्रखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. पुरानी हाट दुर्गा मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां विशेष पूजा-अर्चना की व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा चंदन डैम दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यापक तैयारी की गयी हैं.नवरात्र के दौरान प्रतिदिन मां के अलग-अलग स्वरूपों की होगी पूजा
19 मार्च (प्रतिपदा): मां शैलपुत्री – घटस्थापना, जवारे बोना.20 मार्च (द्वितीया): मां ब्रह्मचारिणी पूजा.
21 मार्च (तृतीया): मां चंद्रघंटा पूजा.22 मार्च (चतुर्थी): मां कुष्मांडा पूजा.
23 मार्च (पंचमी): मां स्कंदमाता पूजा.24 मार्च (षष्ठी): मां कात्यायनी पूजा.
25 मार्च (सप्तमी): मां कालरात्रि पूजा.26 मार्च (अष्टमी): मां महागौरी पूजा.
27 मार्च (नवमी): मां सिद्धिदात्री पूजा, रामनवमी, हवन और कन्या पूजन.श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक व्रत रखकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करेंगे व नियमित आरती के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना करेंगे. अंतिम दिन रामनवमी के अवसर पर विशेष हवन, कन्या पूजन व प्रसाद वितरण के साथ व्रत का समापन होगा. इस दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा.
