अमरपुर (बांका). स्थानीय रेफरल अस्पताल के समीप करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन अस्पताल भवन में कथित तौर पर घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आया है. निर्माण कार्य में मिट्टीयुक्त बालू के उपयोग और छत की बीम की ढलाई में असमानता की शिकायत की गयी है. कार्यस्थल पर बड़ी मात्रा में बालू का ढेर भी मौजूद है. स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सामग्री का इस्तेमाल सुनिश्चित कराने की मांग की है.
फर्श और दीवार निर्माण में मिट्टीयुक्त बालू के इस्तेमाल का आरोप
बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन अस्पताल भवन के फर्श में ईंट बिछाने के काम में मिट्टीयुक्त बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं भवन के कुछ हिस्सों में दीवार निर्माण के दौरान भी इसी तरह की बालू के इस्तेमाल की बात सामने आयी है.
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों से अस्पताल भवन की मजबूती और भविष्य में मरीजों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जतायी जा रही है.
हाइवा से बालू गिराने के एवज में हुआ था भुगतान
कार्यस्थल पर मौजूद मुंशी मो. शहबाज ने बताया कि शहर के एक इंटरप्राइजेज के हाइवा से बालू गिराने के एवज में 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया था. उनके अनुसार हाइवा से कार्यस्थल पर घटिया और मिट्टीयुक्त बालू गिरा दी गयी.
उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति को घटिया बालू हटाकर अच्छी गुणवत्ता की बालू गिराने को कहा गया था. इस पर आगे से बेहतर गुणवत्ता की बालू उपलब्ध कराने की बात कही गयी.
निर्माण प्रभावित नहीं हो, इसलिए फर्श में इस्तेमाल की गयी बालू
मुंशी मो. शहबाज ने बताया कि निर्माण कार्य प्रभावित नहीं हो, इसलिए फिलहाल उक्त बालू का इस्तेमाल फर्श में ईंट बिछाने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अच्छी गुणवत्ता की बालू उपलब्ध नहीं होने के कारण भवन के कुछ हिस्सों में दीवार निर्माण के दौरान मिट्टीयुक्त बालू का इस्तेमाल किया गया था.
हालांकि, मामले की जानकारी मिलने के बाद निर्माण कार्य बंद करा दिया गया है. मुंशी के अनुसार अब अच्छी गुणवत्ता वाली बालू की आपूर्ति होने के बाद ही आगे का निर्माण कार्य कराया जाएगा.
छत की बीम में असमानता की बात भी स्वीकार
भवन की छत की बीम की ढलाई टेढ़ी-मेढ़ी होने की शिकायत पर मुंशी मो. शहबाज ने बताया कि मिट्टी भराई के कारण कुछ स्थानों पर छत की बीम में असमानता उत्पन्न हुई है. उन्होंने कहा कि दीवारों के पलस्तर के दौरान इसे ठीक कर लिया जाएगा.
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण भवन के निर्माण में बीम, दीवार और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच जरूरी है. निर्माण पूरा होने के बाद किसी कमी को दूर करने के बजाय निर्माण के दौरान ही उसकी जांच और सुधार किया जाना चाहिए.
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने कहा कि अस्पताल भवन के निर्माण में पारदर्शिता, गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है. लोगों ने मिट्टीयुक्त बालू के इस्तेमाल और बीम की ढलाई में असमानता की शिकायतों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन को कार्यस्थल का निरीक्षण कर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आगे के निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप ही सामग्री का इस्तेमाल हो.
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी निर्माण की गुणवत्ता
निर्माणाधीन अस्पताल भवन में इस्तेमाल की जा रही सामग्री को लेकर उठे सवालों के बीच अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासनिक और तकनीकी जांच पर है. यदि निर्माण सामग्री के नमूनों और भवन के संरचनात्मक हिस्सों की जांच करायी जाती है तो गुणवत्ता से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
