अमरपुर, बांका. अमरपुर प्रखंड अंतर्गत अमरपुर-इंग्लिश मोड़ चौक और मकदुमा गांव के समीप रविवार को एनडीए कार्यकर्ताओं ने सूबे के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया. जदयू के वरिष्ठ नेता शिव मंडल की अगुवाई में अमरपुर बस स्टैंड, इंग्लिश मोड़ चौक एवं रतनपुर-मकदुमा पंचायत के मुखिया मुनीलाल मंडल सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने ऊर्जा मंत्री को फूल-माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया.
बिजली की आंख-मिचौनी से उमस भरी गर्मी में परेशानी
स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री को अमरपुर प्रखंड में लगातार जारी बिजली संकट से अवगत कराया. ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बिजली की आंख-मिचौनी जारी है. बार-बार बिजली गुल होने से उमस भरी गर्मी में आम उपभोक्ताओं का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बिजली पर निर्भर छोटे व्यवसायों, दुकानों और अन्य दैनिक कामकाज पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
पटवन बाधित होने से धान की रोपनी पिछड़ी
कार्यकर्ताओं ने मंत्री को बताया कि बिजली संकट का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है. वर्तमान में धान की रोपाई का पीक सीजन चल रहा है, लेकिन अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण किसान खेतों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार बारिश की बेरुखी और बिजली की समस्या के कारण प्रखंड क्षेत्र में अब तक महज 30 से 40 प्रतिशत ही धान की रोपनी हो सकी है.
कृषि फीडर से पर्याप्त बिजली देने की मांग
ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने ऊर्जा मंत्री से निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की. साथ ही किसानों के लिए पर्याप्त कृषि फीडर से नियमित बिजली उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि धान की रोपनी और अन्य कृषि कार्य समय पर पूरे हो सकें. ग्रामीणों ने कहा कि बिजली की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
श्रावणी मेला व्यवस्था के लिए कटोरिया जा रहे थे मंत्री
बताया गया कि ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल रविवार को अमरपुर-बांका मार्ग से होते हुए श्रावणी मेला की व्यवस्था के सिलसिले में कटोरिया प्रखंड जा रहे थे. इसी दौरान एनडीए कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोककर समस्याओं से अवगत कराया और अपनी मांगें रखीं.
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
मौके पर जदयू के वरिष्ठ नेता शिव मंडल, रतनपुर-मकदुमा पंचायत के मुखिया मुनीलाल मंडल, मनोज भगत, रंजीत सिंह, हरदेव मंडल, जवाहर राय समेत बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे.
