धोरैया. बारकोप डेरु गांव में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय अखंड रामधुन संकीर्तन को लेकर मां काली मंदिर के प्रांगण से रविवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गयी. इस यात्रा में 451 युवतियों व महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर क्षेत्र का भ्रमण किया. कलश यात्रा काली मंदिर से शुरू होकर गेरुआ नदी पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल भरा गया. इसके बाद यात्रा गंगदौरी, चांदनी चौक, धोरैया बाजार और डेरू होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई. पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा. शोभा यात्रा में देवी-देवताओं की जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रही. इसमें मुख्य झांकी के रूप में रथ पर सवार सीता-राम और लक्ष्मण, शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण, हनुमान जी और पांच घोड़ों का भव्य प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा. कमेटी के अध्यक्ष शंभू यादव, सचिव प्रकाश दास, कोषाध्यक्ष राकेश पोद्दार, प्रवीण चंद्र सुदर्शन और ब्रह्मदेव भारती ने बताया कि मंदिर परिसर में तीन दिवसीय अष्टयाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया है. अगले तीन दिनों तक क्षेत्र में आध्यात्मिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी. प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि आलोक कुमार शोभा यात्रा में शामिल रहे. आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और कमेटी के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा.
कलश शोभायात्रा के साथ तीन दिवसीय अखंड रामधुन संकीर्तन हुआ आरंभ
बारकोप डेरु गांव में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय अखंड रामधुन संकीर्तन को लेकर मां काली मंदिर के प्रांगण से रविवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गयी.
