शंभुगंज. शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र के गौरीपुर पहाड़ के तलहटी में स्थित प्राचीन वैदिककालीन शिवलिंग वाले शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर तीन दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया जायेगा. इसे लेकर मंदिर समिति, ग्रामीणों और प्रशासन की ओर से तैयारी शुरू कर दी गयी है. इस मंदिर में प्रत्येक सोमवार समेत श्रावण माह में दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं. हर वर्ष की तरह इस बार भी महाशिवरात्रि में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है. गौरीपुर का यह शिव मंदिर अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताओं के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. यहां स्थापित शिवलिंग को वैदिककालीन माना जाता है. इसके दर्शन के लिए विभिन्न जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं. खास बात यह है कि मंदिर परिसर में स्थित एक प्राचीन कुएं का पानी दूधिया जल के नाम से प्रसिद्ध हैं. स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस कुएं का जल भगवान शिव की कृपा से विशेष गुणों से युक्त है और महाशिवरात्रि के अवसर पर इसका सेवन करने से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है. इसी आस्था के कारण हर साल हजारों लोग इस पवित्र जल का सेवन करने आते हैं. मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण का आयोजन किया जायेगा. तीन दिनों तक चलने वाले मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन होगा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की तैयारी की जा रही है. स्थानीय प्रशासन से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सहयोग लिया जा रहा है, ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. ग्रामीणों का कहना है कि यह मेला क्षेत्र की धार्मिक पहचान बन चुका है और इससे स्थानीय व्यापारियों को भी काफी लाभ होता है. आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मेले के दौरान अनुशासन बनाए रखें और धार्मिक वातावरण को शांतिपूर्ण बनाए रखने में सहयोग करें. महाशिवरात्रि को लेकर गौरीपुर और आसपास के गांवों में अभी से उत्साह और भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है.
गौरीनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर लगेगा तीन दिवसीय मेला
मंदिर समिति, ग्रामीणों और प्रशासन की ओर से तैयारी शुरू
