मंदार की जमीन को पैसे की लालच में सबलपुर निवासी के नाम जमाबंदी करने के आरोप में राजस्व कर्मचारी को डीएम ने बरखास्त कर दिया.
बांका : वर्ष 2012-13 में बौंसी में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी प्रदीप कुमार सिंह को अवैध तरीके से मंदार की जमीन को पैसे की लालच में स्थानीय सबलपुर निवासी पवन कुमार सिंह के नाम जमाबंदी कायम करने के आरोप में डीएम निलेश देवरे ने शनिवार को उन्हें बर्खास्त कर दिया. ज्ञात हो कि उक्त राजस्व कर्मचारी उस समय मंदार पापहरणी सरोवर एवं सरोवर के चारों ओर स्थित भिंडा जिसका रकवा करीब 30 एकड़ होता है का जमाबंदी स्थानीय निवासी के नाम कर दिया. इनके उपर आरोप है कि दाखिल खरिज बाद संख्या 626/2012-13 एवं 628/2012-13 में पापहरणी तलाब भिंडा का दाखिल खारिज उत्तराधिकारी के रूप में कराया गया.
जो गैरमजरूआ खास जमीन है. जिस पर पवन कुमार सिंह का दखल कब्जा दिखाया गया एवं भूमि को गैरमजरूआ खास से वंचित होने का प्रतिवेदित किया गया. जबकि पापहरणी तलाब एवं इसके भिंडे की भूमि सार्वजनिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल है. जिस पर प्रचिनकाल से बौंसी मंदार मेला लगता है. एवं यह भूमि धार्मिक अनुष्ठान हेतु प्रसिद्ध है. जो गैरमजरूआ खास एवं सैरात की भूमि है. जिसका खसरा संख्या 103 पर विश्रामगृह एवं अन्य सरकारी भवन बना हुआ है.
चारों ओर भिंडा पर सीढ़ीनूमा घाट बना हुआ है और सरकारी योजना के अंतर्गत रोड वगैरह है. यहां लक्ष्मीनारायण मंदिर खसरा संख्या 102 पर अवस्थित है. वर्णित जमीन का किसी व्यक्ति विशेष के नाम से नामातरण करना नियमानुकूल नहीं है. राजस्व कर्मी द्वारा जानबूझकर ऐसा जालसाजी एवं धोखाधड़ी किया गया है. जो एक गंभीर आपराध है. वर्तमान में उक्त कर्मचारी रजौन अंचल में कार्यरत है. यह मामला तब आम लोगों के नजर में आया जब उक्त जमाबंदी धारक ने मंदार स्थित पुलिस पिकेट के बगल में स्थित जीवित शीशम के पेड़ को काट कर स्थायी रूप से भवन का निर्माण कराया जाने लगा.
इस पर मंदार न्यास बोड के अध्यक्ष के द्वारा डीएम, एडीएम, एसडीओ, डीसीएलआर एवंअंचलाधिकारी को आवेदन देकर मांग की थी कि मंदार की भूमि को उक्त व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से जमाबंदी कायम करा कर इसे अपनी भूमि बताते हुए भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है. जो पूर्णत: गलत है.
न्यास बोर्ड के पास उक्त भूमि मंदार की भूमि होने का पर्याप्त साक्ष्य मौजूद है. साक्ष्य की प्रति सभी आलाधिकारी को प्रस्तुत भी किया गया था. जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए डीएम ने राजस्व कर्मी को बरखास्त कर दिया.
