बेलहर/भागलपुर : बेलहर थाना क्षेत्र के डुमरिया पंचायत अंतर्गत अमगढ़वा गांव में अकबरनगर थाना क्षेत्र के पैन के रहनेवाले बिहार पुलिस के जवान अविनाश कुमार को गुरुवार की रात गोली मार दी गयी. इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज लाये जाने के दौरान उसकी मौत हो गयी. अविनाश पटना में पदस्थापित था और छुट्टी में घर आया हुआ था. अविनाश की दो शादियां हुई हैं. पहली पत्नी रीना की लगभग पांच साल पहले बेटे के जन्म देते समय ही मौत हो गयी थी. अमगढ़वा में रीना का ही मायका था. अविनाश अपने और रीना के पांच साल के बेटे अमन को भी साथ लेकर ससुराल गया था. शुक्रवार को अविनाश के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया.
गेट पर सास सोयी थी, उसे नहीं चला पता : अविनाश के छोटे भाई राकेश और उसके अन्य रिश्तेदारों ने अविनाश की सास पर ही उसकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया. राकेश ने कहा कि अविनाश की सास गेट के पास ही सोयी हुई थी. अविनाश बरामदे पर सोया हुआ था. अविनाश के परिजनों ने यह भी बताया कि छत पर अविनाश के चचेरे ससुर और सास भी सोये हुए थे. ऐसे में अविनाश को कोई बाहरी व्यक्ति कैसे गोली मार सकता है. यह भी सवाल उठाया कि अगर कोई मार कर भागा भी तो किसी ने उसे देखा क्यों नहीं. अविनाश की सास ने पुलिस में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.
मां को फोन कर कहा था, सब ठीक है
अविनाश के परिजनों ने बताया कि गुुरुवार की रात लगभग दस बजे अविनाश ने अपनी मां को ससुराल से कॉल किया और बताया कि वह ससुराल में ही रात में रुकेगा. अविनाश के परिजनों ने कहा कि गुरुवार की देर रात लगभग पौने एक बजे उसकी सास ने कॉल किया और कहा कि अविनाश सीरियस है. परिजनों ने बताया कि काफी पूछने के बाद उसने बताया कि अविनाश को गोली लगी है. उसके बाद संग्रामपुर में ही अस्पताल में उसका इलाज कराया गया. उसके बाद सुबह लगभग ढाई बजे उसे मायागंज लाया गया. यहां पहुंचने के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना को लेकर बेलहर डीएसपी पीयूष कांत, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी दुर्गेश राम ने अमगढ़वा जाकर घटना की छानबीन करते हुए हत्या के कारणों का पता लगाने में घंटों जुटे रहे. लेकिन घटना का कुछ भी सुराग नहीं मिल पाया. वहीं स्थानीय ग्रामीणों को भी यह घटना काफी अचंभित कर रही है.
