विधायक ने करवायी नदी की साफ-सफाई

बांका : चांदन नदी से निकलने वाली कतरिया उपनदी के मुहाने पर अत्यधिक गाद जमा हो जाने की वजह से रजौन प्रखंड क्षेत्र के 84 मौजा का पटवन बाधित हो गया था. जिसकी सफाई धोरैया विधायक अपनी देख रेख में रविवार को जेसीबी से कराये. इस मौके पर पुनसीया, मोरामा, बनगांव, चकसफिया, सिंधनान, कटचातर, राजावर, […]

बांका : चांदन नदी से निकलने वाली कतरिया उपनदी के मुहाने पर अत्यधिक गाद जमा हो जाने की वजह से रजौन प्रखंड क्षेत्र के 84 मौजा का पटवन बाधित हो गया था. जिसकी सफाई धोरैया विधायक अपनी देख रेख में रविवार को जेसीबी से कराये. इस मौके पर पुनसीया, मोरामा, बनगांव, चकसफिया, सिंधनान, कटचातर, राजावर, विशनपुर, मोहली, सुजालकोरामा, दुर्गापुर, बाबरचक, डड़पा के ग्रामीण मौजूद थे. इसके अलावे चांदन नदी से कटकर जो पानी कतरीया नदी में जाती है उसके रास्तें में जो जो रूकावट थी उसकी सफाई करायी गयी. इन रास्तों में जैसे बालू उठाव के लिए नदी के बीचों बीच स्थित एप्रोच पथ उसे भी कटवाया गया.

साथ ही चांदन पुल के समीप लगे बालू के ढेर को हटवाया गया. विधायक ने आगे जाकर कतरीया पुल की स्थिति देखी जिस पर उन्होंने डीएम निलेश देवरे से फोन पर बात की और उन्हें बस्तु स्थिति की जानकारी दी. जिस पर डीएम ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारी पहुंच कर कतरीया नदी के बंद गेट को खोल देंगे जिससे की पानी की निकासी नहर में आसानी से हो सके. कतरीया नदी पुल के मुख्य द्वारा पर जमे गाद को भी हटाया गया.

इस मौके पर मौजूद किसानों ने बताया कि कतरीया नदी से निकलने वाले पानी से कुल 84 मौजा के जमीन का पटवन होता है. जिसमें से 78 मौजा रजौन में ही पड़ता है. जिले भर में रजौन प्रखंड कतरनी चावल के पैदावार के लिए प्रसिद्ध है. लेकिन पटवन की समस्या इतनी गंभीर है कि अब किसान कतरनी चावल की खेती करना छोड़ बालू पर तारबुज की खेती करने को विवश हो गये है. इस मौके पर डा महेश प्रसाद सिंह, मनोज सिंह, सत्य नारायण सिंह, राधवेंद्र सिंह, अशोक यादव, पप्पू वर्मा, रितेश चौधरी, ओम प्रकाश मंडल सहित अन्य उपस्थित थे.

क्या कहते हैं विधायक
जिले भर में अनियंत्रित रूप से बालू के दोहन से यह स्थिति उत्पन्न हुई है. नदी काफी गहरी हो गयी है. और उपनदी ऊंची हो गयी है जिससे की पानी चांदन नदी से कतरीया नदी में नहीं पहुंच पाता है. वर्षा भी उस अनुरूप नहीं हो रही है कि पानी ओवर फलो होकर उपनदी में जा सकें. मेरे द्वारा विधानसभा में मामला उठाने के बाद रजौन में बालू उठाव पूर्ण रूप से बंद है लेकिन बांका में वैसी स्थिति नहीं है. रोक के बाद भी बालू का उठाव किया जा रहा है. लगातार यह तिसरा वर्ष है जब हमारे द्वारा नदी की साफ सफाई की जा रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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