कार्रवाई. अब सड़क िकनारे व सरकारी भूिम पर नहीं सजेगी दुकान
बांका शहर में विगत एक माह के दौरान कम से कम तीन बार अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का बुलडोजर चल चुका है. अतिक्रमण खाली कराकर प्रशासन के हटते ही अतिक्रमणकारी फिर से अपनी जगह पर अतिक्रमण के लिए आ जुटते हैं, लेकिन इसे भी प्रशासन ने एक चुनौती के तौर पर लिया है.
बांका : यों तो बांका जिले में अतिक्रमण एक लाइलाज मर्ज बन चुका है, लेकिन इस बार इससे निबटने के लिए प्रशासन ने भी अपनी कमर कस ली है.
बांका सहित जिले भर में अतिक्रमित भूमि को खाली कराने के लिए जिला प्रशासन ने एक समेकित अभियान छेड़ रखा है. इस अभियान के रोड मैप में जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंड मुख्यालय एवं जिले के प्रमुख हाट बाजार शामिल हैं. जिला मुख्यालय अर्थात बांका शहर में विगत एक माह के दौरान कम से कम तीन बार अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का बुलडोजर चल चुका है. हालांकि यहां अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई फिलहाल पानी में लाठी मारने जैसा साबित हो रहा है.
अतिक्रमण खाली कराकर प्रशासन के हटते ही अतिक्रमणकारी फिर से अपनी जगह पर अतिक्रमण के लिए आ जुटते हैं. लेकिन इसे भी प्रशासन ने एक चुनौती के तौर पर लिया है. प्रशासन ने कहा है कि जब तक अतिक्रमण पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, अभियान जारी रहेगा उधर जिले के आधे दर्जन प्रखंड मुख्यालयों तथा करीब इतने ही हाट बाजारों में प्रशासन का बुलडोजर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ चल चुका है. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यह अभियान जारी रहेगा. अकारण सरकारी भूखंड और सड़कों को अतिक्रमित कर सड़कों, कस्बों और शहरों को बदसूरत बनाने की छूट किसी को नहीं दी जायेगी.
बांका शहर पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में
जिला मुख्यालय शहर में लगातार तीन तीन बार अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बुलडोजर चलाए जाने के बाद प्रशासन ने अब प्रखंड मुख्यालयों तथा कस्बाई हाट बाजारों की ओर रुख किया है. अमरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है. पुरानी बस स्टैंड से लेकर गोला चौक और इससे आगे थाना रोड तथा गोला चौक से हटिया रोड तथा पुरानी बस स्टैंड से कजरेली रोड में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ इन तीन दिनों में जमकर प्रशासन का बुलडोजर चला है.
बौंसी, बाराहाट तथा कटोरिया आदि प्रखंड मुख्यालयों में भी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन का डंडा चलना जारी है. इससे एक तरफ अतिक्रमणकारियों में भगदड़ मची है तो दूसरी ओर सड़कें अब अपेक्षाकृत विस्तृत एवं साफ-सुथरी नजर आने लगी हैं. इससे जाम की समस्या से भी बहुत हद तक निजात मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है.
बुलडोजर के हटते ही फिर होता है अतिक्रमण
शहर की प्रमुख सड़कों और चौक चौराहे के अलावा भी गैरमजरूआ और न्यास बोर्ड की भूमि को बुरी तरह लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है. लंबे अरसे तक प्रशासन की उपेक्षा और लापरवाही का लाभ उठाते हुए अतिक्रमणकारियों ने इन पर पक्का निर्माण कर कब्जा जमा लिया है. प्रशासन का डंडा हलांकि फिलहाल सड़कों के किनारे अतिक्रमित भूमि पर किए गए अवैध निर्माण, झोपड़ियों, होटलों और दुकानों के खिलाफ है. इस शहर के शिवाजी चौक से लेकर गांधी चौक तथा आजाद चौक तक पूरे कचहरी रोड, कटोरिया रोड तथा पुरानी बस स्टैंड रोड में अब तक कम से कम तीन बार अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बुलडोजर सिर्फ इसी महीने में चलाए जा चुके हैं. इसका तात्कालिक असर तो यह हुआ है
कि शहर की सड़कें इन दिनों चौड़ी और साफ सुथरी नजर आ रही हैं. लेकिन प्रशासन का बुलडोजर हटते ही अतिक्रमणकारियों ने सड़कों के किनारे एक बार फिर से पांव पसारना शुरू कर दिया है.
अतिक्रमण किसी भी स्थिति में गैरकानूनी है. इसके खिलाफ बकायदा कानून बने हुए हैं. जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड मुख्यालयों तथा हाट बाजारों के अलावा कहीं भी किसी गैर मजरुआ सरकारी भूमि, सड़कों के किनारे तथा न्यास बोर्ड की जमीन को अतिक्रमित करने नहीं दिया जाएगा. अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा. बेहतर हो कि अतिक्रमण कर अवैध कब्जा जमाने वाले लोग पहले ही अतिक्रमित भूमि को खाली कर दें.
अविनाश कुमार, अनुमंडल दंडाधिकारी, बांका
शुरू हुआ बांका सहित जिले भर को अतिक्रमण मुक्त कराने का समेकित अभियान
