रविवार सुबह हुई तेज बारिश ने लोगों को गरमी से राहत दी, लेकिन जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से गली मुहल्लों में जलजमाव हो गया. इससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा.
बांका : जेठ की दोपहरी झुलसा देने वाली गरमी के लिए चर्चित है. जेठ आरंभ हो चुका है, लेकिन इस बार इस उष्णतम माह की शुरुआत क्षेत्र में बारिश की फुहारों के साथ हुई है. इधर एक सप्ताह से लगभग रोज कुछ देर के लिए ही सही बारिश हो रही है. इससे जहां क्षेत्र के लोगों को गरमी से राहत मिली है वहीं खरीफ का मौसम आरंभ होते ही इंद्र देवता की मेहरबानी से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. हालांकि इन सबके बीच जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं रहने की वजह से बारिश ने बांका शहर के गली मुहल्लों का जन जीवन पानी-पानी कर दिया है.
रविवार की सुबह करीब घंटे भर तक क्षेत्र में हुई अब तक की सबसे जोरदार और मुसलधार बारिश ने शहर की सड़कों पर झील जैसा दृश्य पैदा कर दिया. शहर के तमाम नाले पहले से जाम हैं, इस कारण बारिश के साथ ही गली मुहल्लों में ही पानी भर गया. लोगों का घरों से निकलना कई घंटे तक के लिए मुश्किल हो गया. करीब दस दिनों से आंधी तूफान के बाद बारिश होने का सिलसिला जारी है. रूक- रूक कर हो रही बारिश से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में कीचड़ ही कीचड़ नजर आ रहा है. शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के कुछ ऐसे मुहल्ले हैं जो अभी भी हल्की बारिश होने से कीचड़ मय हो जाते हैं. रविवार की सुबह अचानक तेज तूफान के साथ हुई बारिश ने लोगों को घर से निकलना मुश्किल कर दिया. बारिश खत्म होते ही शहर के डोकानिया पेट्रोल पंप के पीछे मुहल्ला, शांतिनगर मुहल्ला, करहरिया मुहल्ला, नयाटोला मुहल्ला,शास्त्री चौक, भागलपुर बस स्टेंड समीप, शिवाजी चौक स्थित सब्जी मंडी में पानी भर गया. काफी मशक्त के बाद स्थानीय लोगों ने मुहल्ले के जाम पड़े नाले को साफ कर जमा पानी की निकासी की. स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी बारिश का महीना बाकी है और इसके पहले शहर में जलजमाव होना नगर पंचायत की व्यवस्था का पोल खोल रहा है.
