कटोरिया : प्रखंड के जमदाहा पंचायत अंतर्गत मेढ़ा गांव में रविवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ हुआ. भागवत कथा कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश-यात्रा के साथ हुआ. कथा स्थल से लेकर जमदाहा नदी तक आकर्षक झांकी व बैंड-बाजा के साथ कलश-यात्रा निकली. जिसमें 108 युवती व महिलाओं ने हिस्सा लिया.
शोभा यात्रा में पांच ट्रैक्टरों पर राम-दरबार, शिव-दरबार, राधा-कृष्ण, भूत-बैताल आदि के वेश-भूषा में झांकी निकाली गयी, जो यहां आकर्षण का केंद्र बना रहा. जमदाहा ठाकुरबाड़ी के निकट शोभा यात्रा में शामिल ग्रामीणों को शरबत पिला कर स्वागत किया गया. मेढ़ा गांव से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पांच किलोमीटर की दूरी तय जमदाहा नदी तट पहुंचे. जहां बौंसी के सुधीर मिश्रा ने पूजक प्रभाकर चौधरी एवं गोकुल चौधरी से विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना करायी.
इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी कलश में नदी का पवित्र जल भरवाया गया. आयोजन में गौतम कुमार चौधरी, देवेंद्र चौधरी, कुमुद रंजन, बंधु कापरी, घोल्टन यादव, रोहित कुमार, चंदन कुमार, विनय कुमार चौधरी आदि सक्रिय है. इधर कथा स्थल के पंडाल में कथावाचक आचार्य ओमप्रकाश जी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया. इस क्रम में भागवत कथा कार्यक्रम के आयोजन एवं सुनने से होने वाले महत्व को विस्तारपूर्वक बतलाया गया. कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करने से अश्वमेघ यज्ञ से भी अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है. कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन की कई विपदा व बाधाएं दूर हो जाती है. मनुष्य का कल्याण होना शुरू हो जाता है. कथा के दौरान राधे-राधे की धुन पर भी सभी श्रद्धालु झूमते रहे. कथा पंडाल में मेढ़ा सहित जमदाहा, मनिया, करझौंसा, गाढ़वरण, कदरागोड़ा, नारायणचक, पटवारा आदि गांवों से भारी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए.
