बांका : पत्रकार राजदेव हत्याकांड को लेकर विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है. बांका के पत्रकारों ने मंगलवार की शाम राजदेव हत्याकांड के विरोध में कैंडिल मार्च निकाला. कैंडिल मार्च में सभी मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. मार्च कटोरिया रोड स्थित सिंडिकेट बैंक के समीप से निकलकर गांधी चौक पर पहुंचा. इस दौरान पत्रकार अपने हाथों में मोमबत्तिंयां तथा बैनर लेकर मौन चल रहे थे. गांधी चौक पर पहुंचकर पत्रकारों ने अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के स्मारक पर स्व. पत्रकार राजदेव रंजन की याद में मोमबत्तियां जलायीं.
इस अवसर पर पत्रकारों ने कहा कि हिंसा की तलवार से लोकतंत्र और मीडिया की आत्मा नहीं मारी जा सकती. पत्रकार मरते नहीं, शहीद होते हैं और उनकी शहादत लोकतंत्र की बेदी पर रोज होती है. इसलिए किसी पत्रकार की हत्या कर लोकतंत्र की हत्या करने की साजिश करने वाले कभी कामयाब नहीं हो सकते. राजदेव की हत्या लोकतंत्र की आत्मा कही जाने वाली वाक् स्वतंत्रता की हत्या है. उनके हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार कर उन्हें फांसी की सजा देने की मांग पत्रकारों ने सरकार से की. केंडिल मार्च में पत्रकार विजेंद्र राजबंधु, मनोज उपाध्याय, राहुल कुमार,
विभांशु शेखर, अनिमेष कुमार, नवनीत कुमार, हीरा लाल, चंदन कुमार, निरंजन कुमार, सुभाष सिंह, तनमय मित्रा, आलोक श्रीवास्तव, आशीष कुमार, प्रदीप चक्रवर्ती, संतोष झा आदि ने भाग लिया. ज्ञात हो कि इस मामले को लेकर बांका जिले के पत्रकार तीन दिनों से काली पट्टी लगाकर विरोध प्रकट कर रहे हैं. सोमवार को बांका के पत्रकारों ने राजदेव हत्याकांड के विरोध में स्थानीय इंडोर स्टेडियम से समाहरणालय तक प्रतिरोध मार्च निकाला था.
