बांका : जिले के तमाम सरकारी एवं गैर सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में पूर्व घोषित गरमी छुट्टी अंतत: रद्द कर दी गयी. यह छुट्टी 5 मई से घोषित की गयी थी. 5 मई को स्कूलों में छुट्टी रही भी. लेकिन फिर क्या हो गया कि आनन फानन में 5 मई की ही देर रात इस छुट्टी को रद्द करने का फरमान जिला प्रशासन को जारी करना पड़ा.
5 मई की देर रात जारी इस प्रमाण के बाद 6 को सभी विद्यालय खोल दिये जाने की बात भी तुगलकी साबित हुई जो मुकम्मल रूप से जिले भर में लागू भी नहीं हो पायी. ज्यादातर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों तथा छात्र छात्राओं को पता भी नहीं चला कि 6 मई से स्कूल फिर से खोला जाना है. कारण यह कि 5 मई की रात जब घोषित ग्रीष्मावकाश रद्द करने का आदेश प्रसारित किया गया उस वक्त तक छात्र छात्राएं यह बहुतेरे शिक्षक नींद की आगोश में समा चुके थे. परिणाम ये हुआ कि ज्यादातर विद्यालय या तो खुले नहीं या फिर उनमें शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति नगण्य रही. छुट्टी रद्द करने की घोषणा से बच्चों के अरमानों पर तो जैसेपानी फिर गया जो छुट्टी में नानी, दादी और मौसी के घर जाने की तैयारी कर चुके थे. अब बच्चे और अभिभावक पूछ रहे हैं..
आखिर ऐसा क्या हुआ कि गरमी छुट्टी रातोंरात रद्द करनी पड़ी. पूर्व में घोषित गरमी छुट्टी की वजह प्रचंड गरमी और लू का प्रकोप बताया गया था. अभिभावक कहते हैं… गरमी खत्म तो नहीं हो गयी. सिर्फ कुछ मिनटों की हल्की बारिश और पुरवैया के कारण मौसम उलट तो नहीं गया!
