वन-संरक्षण. 240 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा अवकृष्ट वनों का पुनर्वास
जिले के 5 प्रमुख मार्गों के किनारो सौंदर्यीकरण की योजना पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इन रास्तों पर बांस गैबियन 10 हजार 800 खूबसूरत पौधे लगाये जायेंगे. ताकि जिले में वनों की सघनता बढ़ायी जा सके. धरती पर लोगों को स्वच्छ हवा मिले.
बांका : जब आसमान से आग बरसती है तब लोगों को जंगल, पानी और पर्यावरण की याद सताने लगती है. मान्यता है कि जंगल पर ही पानी और पर्यावरण का वजूद टिका है.
इन्हीं मान्यताओं को साकार करने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग ने इस वर्ष जिले में जल एवं भूमि संरक्षण संरचनाओं के साथ साथ पर्यावरण और सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से कुल 7 लाख 60 हजार 800 पेड़ लगाने का निर्णय लिया है. इनमें अवकृष्ट वनों के पुनर्वास की योजना के तहत 7 लाख 50 हजार तथा पर्यावरण सह मार्ग संरक्षण योजना के तहत 10 हजार 800 पेड़ लगाने की योजना शामिल हैं.
इस योजना पर करीब 10 करोड़ रूपये की लागत आयेगी. जिले में हाल के वर्षों में वनों का आच्छादन तेजी से बढ़ा है. जिले के दक्षिणी जंगली इलाकों में वनाच्छादन की वजह से ही जल संधारण की क्षमता बढ़ी है. इससे भू गर्भीय जल स्तर के तेजी से नीचे उतरते चले जाने की गति पर भी प्रकारांतर से ब्रेक लगा है.
चालू वित्तीय वर्ष में 5 प्रमुख मार्गो के फ्लैंक सहित 1240 हेक्टेयर क्षरित वन क्षेत्र में नये पेड़ लगाने की इस योजना के क्रियान्वित हो जाने के बाद जिले की हरियाली और नमी दोनों के घनत्व में गुणात्मक और मात्रात्मक वृद्धि होगी. जिले में पर्यावरण के भविष्य को लेकर यह एक बेहतर संकेत है.
अवकृष्ट वनों का होगा पुनर्वास
जिले के बांका सहित चांदन, कटोरिया तथा बौंसी अंचलों के 1240 हेक्टेयर क्षेत्र में अवकृष्ट वनों का पुनर्वास किया जायेगा. इसके लिए वन प्रमंडल बांका ने योजना तैयार कर ली है. इन क्षेत्रों में 7 लाख 50 हजार पौधे लगाये जायेंगे. एसएमसी यानि जल एवं भूमि संरक्षण संरचनाओं सहित यह योजना पंचवर्षीय होगी. वन प्रमंडल पदाधिकारी अभय कुमार द्विवेदी के अनुसार इस योजना के तहत पथरीली जमीन पर एकेसिया, खैर, बबूल, बेल तथा सरीफा आदि के पेड़ लगाये जायेंगे. जबकि नमी वाली जमीन पर अर्जुन, आसन, गम्हार, शीशम, जामुन तथा महोगनी आदि के पेड़ लगाये जायेंगे. यह योजना 5 वर्षों की होगी. योजना 2020-21 की इस योजना पर कुल लागत 8.17 करोड़ आयेगी.
10 करोड़ की होंगी योजनाएं
जिले में प्रस्तावित अवकृष्ट वन क्षेत्र पुनर्वास तथा पर्यावरण व मार्ग संरक्षण की योजनाओं पर संयुक्त रूप से करीब 10 करोड़ की लागत आयेगी. इन योजनाओं को वर्ष 2016-17 के दौरान क्रियान्वित करने का प्रस्ताव है. मार्ग सौंदर्यीकरण सह पर्यावरण के तहत 10 हजार 800 पेड़ लगाने की योजना की आरंभिक लागत 1 करोड़ 19 लाख 22 हजार 120 रुपये है. इसके रख रखाव पर अगले वित्तीय वर्ष 2017-18 में 28 लाख 89 रुपये खर्च किये जायेंगे. अवकृष्ट वन क्षेत्र पुनर्वास योजना पर कुल 8 करोड़ 17 लाख की राशि व्यय होगी. इनमें 4 करोड़ 81 लाख 97 हजार की आरंभिक लागत राशि शामिल हैं.
जिले के पांच मार्गों पर लगेंगे 7.5 लाख पौधे
जिले में जंगलों की बढ़ेगी सघनता व हरियाली
बांका, चांदन, कटोरिया व बौंसी क्षेत्र में किया जायेगा पौधरोपण
पांच मार्गों का सौंदर्यीकरण
राज्य योजना मद से इस वर्ष (2016-17) जिले के 5 प्रमुख मार्गों पर पर्यावरण संरक्षण सह सौंदर्यीकरण योजना के तहत 10 हजार 800 पेड़ लगाये जायेंगे. बांस के गैबियन में लगाये जाने वाले इन पेड़ों के रख रखाव के लिए अतिरिक्त एक वर्ष की योजना है. योजना पर 1.19 करोड़ की आरंभिक लागत आयेगी. जबकि अगले एक साल के दौरान इनके रखा रखाव पर 28.89 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे.
नये वर्ष में होगी गत वर्ष की भरपाई
बांका वन प्रमंडल क्षेत्र में वनाच्छादन की रफ्तार में तेजी लाने का विभाग का प्रयास है. पर्यावरण व जल संरक्षण के साथ साथ मार्गों के सौंदर्यीकरण की विभाग ने योजनाएं तैयार की है. वीरान हो गये जंगलों के भी पुनर्वास की बड़ी योजना विभाग ने तैयार की है. गत वर्ष बांका वन प्रमंडल में योजनाओं का अभाव रहा था. इसकी भरपाई चालू वित्तीय वर्ष करने की योजना है. ‘
अभय कुमार द्विवेदी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, बांका
