नये भवन में आया िजप कार्यालय
रैन बसेरों पर प्रशासनिक कब्जे से गरीब खिन्न हैं. उन्हें रात गुजारने की जगह भी मयस्सर नहीं होती.
बांका : शहर में दो दशक पूर्व गरीबों के आश्रय के लिए बने बिरसा मुंडा रैन बसेरा फिलहाल सरकारी गिरफ्त से मुक्त होता नहीं दिख रहा. अभी अपना भवन बन जाने के बाद जिला परिषद कार्यालय के यहां से स्थानांतरित होते ही जिला नियोजनालय की नजर इस पर लग गयी. जिला नियोजनालय को फिलहाल इसी रैन बसेरा में शिफ्ट करा दिया गया है.
विभागीय पत्र के मुताबिक 25 अप्रैल से ही जिला नियोजनालय बिरसा मुंडा रैन बसेरा में अपने माल असबाब के साथ शिफ्ट हो गया है. उस पर तुर्रा यह कि जिला नियोजन पदाधिकारी इस भवन को रैन बसेरा मान ही नहीं रहे. उनकी नजर में यह पुराना जिला परिषद भवन है. इसकी वजह शायद यह है कि कुछ माह पूर्व तक इसी भवन में जिला परिषद कार्यालय चल रहा था. जिला परिषद के लिए अब माधव मंदिर रोड में नया भवन बन चुका है. कार्यालय भी वहां शिफ्ट कर चुका है.
अधिकारियों को नहीं मालूम कहां है रैन बसेरा : प्रभारी जिला नियोजन पदाधिकारी को यह भी नहीं मालूम को जिला परिषद का कार्यालय यहां काम चलाऊ तौर पर चल रहा था. यह जिला परिषद भवन नहीं बल्कि बिरसा मुंडा रैन बसेरा है. इसका निर्माण दो दशक पूर्व यहां के तत्कालीन जिलाधिकारी त्रिपुरारी शरण की पहल पर रेफरो नामक एजेंसी के सहयोग से किया गया था.
दुर्भाग्य इस बात का है कि आरंभ में दो एक माह गरीबों को आश्रय देने की बात इसकी भव्यता ने प्रशासनिक महकमे की ही लालच बढ़ा दी. कई बार कई सरकारी दफ्तर यहां शिफ्ट और उजाड़ हुए. हालांकि इस भवन पर सर्वाधिक लंबी अवधि तक जिला परिषद की ही कब्जेदारी रही. यह दीगर बात है कि खुद जिला परिषद का कचहरी रोड स्थित निरीक्षण भवन पर दशकों से जिला पुलिस प्रशासन की कब्जेदारी है. इस भवन में फिलहाल एसपी का आवास है.
उनके लिए अब तक विभागीय आवास नहीं बन पाया है.
नियोजन पदाधिकारी के अनुसार पुराना जिला परिषद भवन है रैन बसेरा: इन सब के बीच प्रभारी जिला नियोजन पदाधिकारी शंभु नाथ सुधाकर बिरसा मुंडा रैन बसेरा को पुराना जिला परिषद कार्यालय भवन मानते हैं. निदेशक, नियोजन एवं प्रशिक्षण बिहार, पटना को भेजे अपने पत्र (ज्ञापांक 176 दिनांक 25.04.16) में कहते हैं कि जिला नियोजनालय जो पहले समाहरणालय बांका के जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग में कार्यरत था को 25 अप्रैल 2016 से उप विकास आयुक्त बांका द्वारा उपलब्ध कराये गये पुराने जिला परिषद भवन जो कटोरिया रोड कुंवर सिंह मैदान के सामने अवस्थित है में स्थापित कर दिया गया है. जहां विधिवत रूप से कार्यालय आरंभ हो गया है.
आखिर बिरसा मुंडा रैन बसेरा: यह पत्र अपने आप में एक सवाल है कि जब डीडीसी, जिला परिषद और प्रभारी नियोजन पदाधिकारी को नहीं मालूम कि यह बिरसा मुंडा रैन बसेरा है तो फिर दो दशक पूर्व यहां निर्मित बिरसा मुंडा रैन बसेरा आखिर आज कहां है? कहीं जिले के गरीबों के प्रति प्रशासनिक महकमे की यह बेरूखी उनके गरीब होने की वजह से तो नहीं ? अगर ऐसा है तो सामाजिक न्याय आखिर कहां और किस रास्ते इन गरीबों को मिल पायेगा, यह यक्ष प्रश्न है.
