दो दिन बाद फिर से गरम हुआ मौसम

बांका : चैत मास में ही जेठ की गरमी का अहसास इस बार लोगों को हो रहा है. साथ ही लोगों को यह डर सताने लगा है कि चैत में ही इस बार इतनी भीषण गरमी है तो जेठ मास में कितनी भीषण गरमी होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. विगत एक पखवारे के पारा […]

बांका : चैत मास में ही जेठ की गरमी का अहसास इस बार लोगों को हो रहा है. साथ ही लोगों को यह डर सताने लगा है कि चैत में ही इस बार इतनी भीषण गरमी है तो जेठ मास में कितनी भीषण गरमी होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. विगत एक पखवारे के पारा की स्थिति को देखे तो किसी भी दिन का पारा 35 डिग्री सें. से कम नहीं है. वर्तमान में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है. लोगों को दोपहर में घर से निकलना मुश्किल हो गया है.

दोपहर में लोग अपने अपने घरों में दुबके रहते हैं. लोग अपना अधिकतर काम सुबह में या फिर शाम ढ़लने के बाद करते हैं. यह लगभग नीयती सी लोगों की हो गयी है. दोपहर में लगभग लोग घरों में बंद हो जाते हैं. गत वर्ष गरमी इतनी भीषण पड़ रही है कि बांका जिला मुख्यालय का जल स्तर जो कभी नहीं भागता था वो भी गरमी के शुरुआत में भाग गया है. जिससे पानी का हाहाकार मचा हुआ है. पानी की कमी को दूर करने के लिए पीएचइडी विभाग द्वारा पानी के टैंकर पानी की कमी वाले गांव में भेज कर पूरी कर रहे हैं. बावजूद इसके पानी की कमी दूर नहीं हो पा रही है.

साथ ही पेयजल की समस्या से जूझ रहे बांका वासी के लिए पीएचइडी विभाग द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में हेल्पलाइन सेंटर बनाये गये हैं. संबंधित प्रखंड से जो भी पंचायतों में पानी की कमी होगी, वो इन हेल्पलाइन सेंटर पर सूचना देंगे जिसे हेल्पलाइन सेंटर के द्वारा जिला पीएचइडी कार्यालय की मदद से संबंधित पंचायतों में पानी की कमी को दूर किया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >