नेट नहीं करता वर्क. गाने सुनने के काम आ रहे हैं चलंत दूरभाष

जी का जंजाल बने मोबाइल जी का जंजाल बने मोबाइल कॉल ड्रॉप, कॉल डायवर्सन, नेटवर्क फेल तथा बेहद स्लो स्पीड इंटरनेट से परेशान हैं बांका शहर तथा आसपास के उपभोक्ता. बांका : बांका शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल इन दिनों जी का जंजाल बना हुआ है. यहां चल रही प्राय: […]

जी का जंजाल बने मोबाइल

जी का जंजाल बने मोबाइल
कॉल ड्रॉप, कॉल डायवर्सन, नेटवर्क फेल तथा बेहद स्लो स्पीड इंटरनेट से परेशान हैं बांका शहर तथा आसपास के उपभोक्ता.
बांका : बांका शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल इन दिनों जी का जंजाल बना हुआ है. यहां चल रही प्राय: सभी सेवा प्रदाता कंपनियों के मोबाइल नेटवर्क इन दिनों अपनी चाल चल रहे हैं.
ज्यादातर कंपनियों के नेटवर्क कई कई घंटे तक गायब रहते हैं. नेटवर्क का आना जाना लगा रहता है. कॉल ड्रॉप, कॉल डायवर्सन, नेटवर्क फेल तथा स्लो स्पीड इंटरनेट यहां मोबाइल कंपनियों की फितरत बन गयी है. उपभोक्ता परेशान हैं. लेकिन वे इसकी कहीं शिकायत भी नहीं कर सकते. किसी कंपनी का आधिकारिक दफ्तर यहां नहीं है. मोबाइल कंपनियों की मन मरजी का खामियाजा सिम विक्रेताओं को भरना पड़ रहा है. नेटवर्क समस्या झेल रहे उपभोक्ता अपनी भड़ास रिटेलरों पर निकाल रहे हैं. रिटेलर जब संबंधित कंपनियों को इसकी शिकायत करते हैं तो उन्हें कुछ भी कह कर समझा दिया जाता है.
जैमर पर ठीकरा फोड़ रहीं कंपनियां : ज्ञात हो कि मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन शहर के दो केंद्रों आरएमके स्कूल तथा बालिका उच्च विद्यालय में चल रहा है. इन दोनों केंद्रों पर जैमर लगाये गये हैं. लेकिन ये जैमर पिछले दो सप्ताह से लगे हैं. जबकि यहां मोबाइल नेटवर्को का दिवाला करीब तीन माह से निकला हुआ है. शहर के करहरिया, विजयनगर, पुरानी ठाकुरबाड़ी, कचहरी रोड, नयाटोला तथा जगतपुर दुर्गा मंदिर के पीछे के इलाके में मोबाइल नेटवर्क का सबसे बुरा हाल है. इसका जवाब किसी कंपनी के पास नहीं है.
बीटीएस पर ओवर ट्रैफिक से हो रही परेशानी : दरअसल उपभोक्ताओं की संख्या में बेतहाशा वृद्धि के अनुरूप मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों ने यहां बीटीएस नहीं लगाये. जानकारों का कहना है कि कम बीटीएस पर अधिक ट्रैफिक की वजह से मोबाइल नेटवर्क में प्रॉब्लम उत्पन्न हो रहा है. बांका में पिछले तीन माह से थ्री जी इंटरनेट नेटवर्क नहीं है. जब तब थ्री जी के दर्शन हो जाते हैं, यह बात अलग है. टू जी का भी स्पीड सामान्य जीएसएम से कमतर चल रहा है. जबकि बीएसएनएल, एयरटेल, वोडाफोन तथा आइडिया का यहां आधिकारिक थ्री जी नेटवर्क घोषित है. कंपनियां थ्री जी नेटवर्क के लिए पैक शुल्क लेकर ग्राहकों को टू जी नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं करा पा रही.
रिटेलरों ने भी खड़े कर दिये हाथ
: मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों की लापरवाही और उपभोक्ताओं के हितों की उपेक्षा से नाराज शहर के रिटेलरों ने भी अब अपने हाथ खड़े कर दिये हैं. वे कहते हैं कि कंपनियां उपभोक्ताओं को लूट रही हैं. लेकिन खामियाजा उन्हंे भरना पड़ रहा है. ग्राहकों को उन्हें जवाब देते नहीं सूझ रहा है. वे रोज दिन भर होने वाली झिकझिक से आजिज हो चुके हैं. कई रिटेलरों ने तो यहां तक कहा कि यदि शीघ्र नेटवर्क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे किसी भी कंपनी का सिम बेचना या रिचार्ज करना छोड़ देंगे.

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