सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू-सा नजारा
आसमान से बरस रही आग से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. पिछले चार दिनों से सुबह दस बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू सा नजारा दिखता है.
कटोरिया : प्रचंड गर्मी ने सभी वर्ग व उम्र के लोगों को हिला कर रख दिया है. वैसे सक्षम लोगों ने तो एसी, कूलर जैसी कई वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर रखी है.
लेकिन मध्यम व गरीब तबके के लोगों के लिए भीषण गर्मी काफी कष्टकारी साबित हो रही है. कमरे में लगा पंखा भी आग ही उगल रहा है. मजदूर वर्ग के लोग लू की चपेट में आ रहे हैं. साइकिल, बाइक व पैदल चलने वाले लोग या छात्र-छात्राएं गमछा या दुपट्टा से चेहरा ढक कर रखने को विवश हैं. बाजार में शाम पांच बजे के बाद से ही चहल-पहल लौट पाती है.
प्रत्याशियों की हो रही फजीहत: चुनावी मैदान में डटे सभी पदों के प्रत्याशियों के लिए यह भीषण गर्मी किसी खलनायक से कम नहीं. आसमान के तापमान ने उम्मीदवारों की भी दिनचर्या बदल दी है. सुबह छह से नौ के बाद लंबा ब्रेक लेने को मजबूर कर दे रही है गर्मी. फिर शाम छह बजे से रात दस बजे तक प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ बाजार से लेकर गांव में जनसंपर्क करते दिख रहे हैं.
शाम पांच बजे के बाद से सड़कों पर होती है चहल-पहल
आंगनबाड़ी केंद्र में झुलस रहे बच्चे
समेकित बाल विकास परियोजना के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के छोटे-छोटे बच्चे इस भीषण गर्मी में झुलसने को विवश हैं. डीएम के आदेश पर गर्मी के मद्देनजर प्राथमिक, मध्य एवं प्रोन्नत मध्य विद्यालय की क्लास तो मॉर्निंग कर दी गयी है. लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन अभी भी सुबह दस बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक हो रहा है. प्रखंड के लगभग सौ भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन तो पेड़ के नीचे या चबुतरा पर या छप्पर के नीचे हो रहा है.
इस स्थिति में मासूम बच्चों का स्वास्थ्य काफी खतरे में है. गर्मी की वजह से अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति भी प्रभावित हुई है. सीडीपीओ निवेदिता सेन ने बताया कि अभी तक नये समय से संबंधी कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है.
