बांका : बांका सहित जिले भर में वासंती नवरात्र पर चैती दुर्गा पूजा मेले का आयोजन अनेक स्थानों पर होता है. शहर के भयहरण स्थान चांदन तट स्थित वासंती दुर्गा मंडप एवं समुखिया मोड़ में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं. मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है. देवी प्रतिमा का निर्माण भी अंतिम चरण में है. मेला के दौरान विभिन्न धार्मिक आयोजनों को लेकर भी तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं.
शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर ढाका मोड़ में वासंती नवरात्र पर आयोजित होने वाले प्रसिद्ध मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. शुक्रवार को यहां होने वाले कलश स्थापन से पूर्व पापहरणी मंदार सरोवर से कलश शोभा यात्रा निकलेगी. यह शोभा यात्रा अपने आप में विशिष्ट एवं अनूठी होती है. शोभा यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के साथ हाथी, घोड़े, बैंड, आदिवासी नृत्य मंडली आदि भी साथ होते हैं. करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय कर शोभा यात्रा ढाका मोड़ स्थित ऐतिहासिक देवी मंडप पहुंचती है.
जहां पापहरणी के जल से कलश स्थापन होता है. ढाकामोड़ में इस अवसर पर 10 दिनों का मेला लगता है. पहले ही दिन से मेले में भीड़ उमड़ने लगती है. मेले में सजने वाले बड़े बाजार के अलावा जादू, सरकस, मौत का कुआं, तारामाची और अनेक तरह के मनोरंजन साधन जुटते हैं. इस मेले का आयोजन स्थानीय निवासी एवं गोड्डा झारखंड के पूर्व विधायक संजय यादव की पहल पर और उन्हीं की देखरेख में होता है.
उन्होंने कहा कि मेले में रोज धार्मिक आयोजनों के अलावा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी फिल्मी कलाकारों के गायन, आर्केस्ट्रा, दंगल आदि का भी आयोजन होगा. शांति और सुरक्षा इस मेले की खासियत है. यही वजह कि मेला दिनों दिन नयी ख्याति अर्जित करता जा रहा है.
