ऑरल कंजक्टिवाइटिस : सावधानी व बचाव जरूरी

मौसम के बदलते रुख की वजह से जिले में बढ़ रहा ऑरल कंजक्टिवाइटिस का प्रकोप बांका : फिलहाल अगर किसी की आंखे लाल है तो यह शराब की वजह से नहीं, उन्हें ऑरल कंजक्टिवाइटिस हो सकता है. जिले में मौसम के रोज बदलते रूख की वजह से ऑरल कंजक्टिवाइटिस की बीमारी आम हो रही है. […]

मौसम के बदलते रुख की वजह से जिले में बढ़ रहा ऑरल कंजक्टिवाइटिस का प्रकोप

बांका : फिलहाल अगर किसी की आंखे लाल है तो यह शराब की वजह से नहीं, उन्हें ऑरल कंजक्टिवाइटिस हो सकता है. जिले में मौसम के रोज बदलते रूख की वजह से ऑरल कंजक्टिवाइटिस की बीमारी आम हो रही है. यह आंखों की बीमारी है और इसका प्रसार संक्रामक होता है.
मौसम के तापमान में नमी के साथ ठंड एवं गर्म का स्तर उपर नीचे होने की वजह से इस बीमारी का प्रकोप बढ़ता है. प्रदूषण भी इसकी एक खास वजह है. वायु मंडल में धूल कण एवं जहरीली गैसों की प्रचुरता से भी इस बीमारी को बढ़ावा मिलता है. जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इन दिनों ऑरल कंजक्टिवाइटिस का व्यापक प्रकोप दिख रहा है. बड़े संख्या में लोग इस समस्या को लेकर डॉक्टरों से मिल रहे हैं.
क्या हैं इसके लक्षण
एलर्जी, आंखों में लाली, आंखों में जलन, आंख से पानी गिरना आदि लक्षण होने पर इसे अनदेखा ना करें. यह कंजक्टिवाइटिस के लक्षण हैं. इन लक्षणों के साथ आंखों में सूजन भी आ जाता है. साथ ही स्टार्च का स्राव शुरू हो जाता है.
बचने के उपाय
पर्याप्त मात्रा में पानी पियें. शरीर में जल का संतुलन बनाये रखें. धूल एवं जहरीली गैसों से जैसे भी हो आंखों को बचायें. धूप में निकलते समय फोटो क्रोमेटिक ग्लास वाले चश्मे का इस्तेमाल करें. साथ ही बाहर निकलते समय छाता एवं कैप आदि का भी उपयोग आपको राहत पहुंचा सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >